कटानग्रस्त इलकों का निरीक्षण करते डीएम
जिलाधिकारी का काफिला गुरुवार की दोपहर गंगा नदी के डेंजर जोन मझौंवा पचरूखिया पर पहुंचा। जहां क्षतिग्रस्त स्परों और डेंजर प्वाइंटों का बारीकी से निरीक्षण किया। हर हाल में समय रहते ही सभी बाढ़ निरोधक कार्य कराने के लिए अधिशासी अभियंता आरएस यादव को निर्देश दिया। साथ ही बगल में बनकर तैयार शवदाह गृह में लगी गंदगी देखकर भड़क गए।
बता दें कि अमर उजाला ने आठ जून के अंक में ‘नहीं दिख रहे पचरूखिया मझौंवा स्पर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बाढ़ के दौरान कटान के खतरे को बताया था। इस पर जिला प्रशासन गंभीर हुआ। गुरुवार की दोपहर डीएम राकेश कुमार और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा यहां पहुंचे। जिलाधिकारी ने स्पर संख्या 17 से 23 तक की स्थिति को बहुत की नाजुक बताया।
साथ चल रहे अधिशासी अभियंता आरएस यादव से पूछा कि बाढ़ के उफान के समय में इस हालत में आप क्या करेंगे। कहा कि हर हाल में गुणवत्ता का ध्यान में रखकर कार्य कराया जाए। अगर कहीं भी कोताही बरती गई तो सजा भुगतने के लिए संबंधित को तैयार रहना पड़ेगा। उसके बाद डीएम का काफिला एनएच-31 बसे कटान पीड़ितों के यहां पहुंचा।
उन्होंने एडीएम बच्चालाल मौर्य से कहा कि क्या वे वहीं पीड़ित है, जिनको शासन की मंशा के अनुरूप जमीन खरीदकर बसाया जा रहा है। हर हाल में जिन पीड़ितों का नाम शासन से सूची में आया है, उनको लाभ मिलना चाहिए। सूची में कहीं गड़बड़ी हुई तो कोई बख्शा नहीं जाएगा।
इस मौके पर सदर एसडीएम रामानुज सिंह, जेई योगेंद्र यादव, एसडीओ आरपी सिंह, बैरिया एसडीओ अरविंद कुमार, बैरिया सीओ त्रयंबक नाथ दूबे सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। उसके बाद जिलाधिकारी का काफिला इब्राहिमाबाद नौबरार के लिए चला गया।