यूपी और बिहार को जोड़ने के लिए भरौली-बक्सर बाॅर्डर पर गंगा नदी पर वीर कुंवर सिंह सेतु-भरौली एप्रोच मार्ग के नीचे वर्षों से रह रहे 30 परिवारों को एक सप्ताह के अंदर हटाया जाएगा। 20 अगस्त से पुल का निर्माण कार्य शुरू करने का आदेश है। ढाई वर्ष में पुल बनकर तैयार होगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार की और मजबूत कनेक्टिविटी को गंगा नदी पर भरौली-बक्सर के बीच प्रस्तावित तीन लेन के तीसरा पुल बनाने की पहली प्रक्रिया 22 जून को खत्म हो गई थी।
एलिवेटेड पुल रोड की टेंडर की प्रक्रिया 28 फरवरी को ही पूरी कर ली गई थी। लागत 368 करोड़ है। तीन लेन के एलिवेटेड रोड पुल की लंबाई 3.3 किलोमीटर होगी। तीन लेन के नए पुल के निर्माण में उत्तर प्रदेश के भरौली छोर पर ए ग्रेड रोटरी यानी जमीन की सतह से ऊपर एक गोलंबर का निर्माण किया जाएगा। इसलिए भरौली गोलंबर से गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर तक बनने वाले ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य गोलंबर के आगे तक नहीं किया जा रहा है। वाहन इस गोलंबर को पार करते हुए आगे जाकर उतरेंगे।
नया पुल भी बक्सर में इस रोटरी से जुड़ेगा। यूपी छोर के भरौली गोलंबर के ठीक ऊपर पटना के आर ब्लॉक या जीपीओ गोलंबर की तरह ऊपर भी एक रोटरी यानी गोलंबर बनेगा।
ऐसे में गाजीपुर, बलिया या करीमुद्दीनपुर की ओर से आने वाले वाहन भरौली गोलंबर से पहले ही एलिवेटेड रोड पर चढ़ जाएंगे। इसके बाद भरौली में बनने वाले ऊपरी गोलंबर से होकर सीधे गंगा पुल पर पहुंच जाएंगे। इससे भरौली गोलंबर पर जाम की समस्या खत्म होगी।
इस संबंध में बिहार एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि पुल बनाने वाली कंपनी को 20 अगस्त से पुल का निर्माण कार्य शुरू करने का दिशा निर्देश दे दिया गया है। पुल का निर्माण कार्य ढाई साल में पूरा किया जाना है।