बलिया। गर्मी में कई गांवों के लोग पेयजल के लिए परेशान है। पांच विकास खंड के 31 ग्राम पंचायतों में हैंडपंपों की रीबोरिंग और उनके मरम्मत में गोलमाल का आरोप है। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार वर्मा ने मनियर, बैरिया, रेवती, बांसडीह व मुरलीछपरा के खंड विकास अधिकारी से संबंधित गांवों में किए गए भुगतान की रिपोर्ट मांगी है। जल निगम ग्रामीण इकाई को जांच एजेंसी नियुक्त किया गया है।
गांवों में पेयजल को लेकर आए दिन शिकायतें मिल रही हैं। खासकर पांच ब्लॉकों मनियर, बैरिया, रेवती, बांसडीह व मुरलीछपरा के गांवों से अधिक शिकायतें आई। ग्रामीणों की ओर से बताया गया है इन गांवों में कभी भी हैंडपंपों की मरम्मत नहीं की गई जिसके कारण पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। जबकि ग्राम विकास निधि से गांवों में हैंडपंप रीबोरिंग और मरम्मत के कार्य किए जाने का प्रावधान है। सीडीओ ने जल निगम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। जल निगम के एई अनुभव गुप्ता ने बताया कि संबंधित बीडीओ को पत्र भेजकर हैंडपंपों पर किए गए खर्च के बाबत ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।