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जेल का फाटक खुला आजाद हुए सेनानी

Sat, 20 Aug 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
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बलिया बलिदान दिवस पर जेल का फाटक खुलने के बाद जेल से बाहर निकलते सेनानी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता। - फोटो : ‍ballia
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महात्मा गांधी के आह्वान पर दस अगस्त से प्रारंभ जनांदोलन के चलते 19 अगस्त 1942 को बलिया के क्रांतिवीरों से मजबूर होकर अंग्रेजों ने जेल का फाटक खोलकर उन्हें रिहा कर दिया।
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इनकी स्मृतियों को स्मरण करते हुए बलिया बलिदान दिवस आयोजन समिति और नगर पालिका के संयुक्त आयोजकत्व में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 19 अगस्त दिन शुक्रवार को सुबह नौ बजे प्रतीकात्मक रूप से जेल का फाटक खोलकर सेनानियों को रिहा किया गया।

इस दौरान सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा और वंदे मातरम की गूंज से वातावरण गुंजायमान हो गया। इसके बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद किया गया। साथ ही बलिया के आजादी का भी जश्न मनाया गया।
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बलिया बलिदान दिवस पर जिला कारागार पर ‘जेल का फाटक खुलेगा, चित्तू पांडेय छूटेगा’ के नारों के बीच जेल के अंदर बंद सेनानी जैसे ही बाहर आए वहां मौजूद नेताओं एवं सामाजिक संगठन के लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।


इसके बाद जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस, एएसपी रामयज्ञ यादव, सांसद भरत सिंह, कैबिनेट मंत्री नारद राय, राज्य सभा सांसद नीरज शेखर सहित कई अधिकारी, विभिन्न संगठन एवं स्कूली बच्चे शहीद सेनानियों को याद करते हुए जुलूस के साथ नगर में भ्रमण किए। सभी जिला कारागार से नगर के लिए जुलूस लेकर आगे बढ़े।

इस दौरान सेनानी उत्तराधिकारी संगठन की अध्यक्ष राधिका मिश्र के नेतृत्व में शहीद राजकुमार बाग की प्रतिमा पर सर्व प्रथम माल्यार्पण किया गया। शशिकांत चतुर्वेदी, राजमंगल यादव, लक्ष्मण गुप्त, संतोष मिश्र, कांग्रेस के अध्यक्ष सच्चितानंद तिवारी, आनंद स्वरूप शुक्ल, जितेंद्र तिवारी, विवेकानंद सिंह, विनय पांडेय आदि वरिष्ठजनों के नेतृत्व में लोग जेल परिसर से सीधे कुंवर सिंह चौराहे पर पहुंचे, जहां वीरवर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।


इसके बाद कारवां शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए नगर की ओर बढ़ा, जहां टीडी कालेज चौराहे पर रामदहिन ओझा, मुरली मनोहर जी एवं डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।


कारवां धीरे-धीरे चित्तू पांडेय चौराहा पर चित्तू पांडेय को माल्यार्पण कर ओक्डेनगंज चौराहा पर सेनानी उमाशंकर सोनार को माल्यार्पण करते हुए शहीद पार्क पहुंचा, जहां गांधी जी सहित तमाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शीलापट्ट पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद जुलूस टाउन हाल स्थित बापू भवन पहुंचा, जहां आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता सेनानी रामविचार पांडेय ने किया। संचालन डा. शत्रुघन पांडेय ने किया।
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