गंगा किनारे अवैध खनन चरम पर है। व्यापक खनन वाले इलाके सोहांव में आधी रात में अमर उजाला की टीम के दस्तक देते ही हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और ट्रक मिट्टी व रेत (सफेद बालू) ढोते मिले। खनन माफिया ने तत्काल काम बंद करवा दिया और फोन किए जाने लगे।
इस बीच, अवैध खनन कैमरे में कैद होता रहा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि खनन माफिया किस कदर बेफिक्र होकर अवैध कारोबार कर रहे हैं और जिम्मेदार खामोश हैं। लाल बालू के साथ सफेद बालू यानी रेत का भी अवैध खनन बलिया में जोरों पर है। अमर उजाला हकीकत जानने के लिए खनन माफिया के इलाके में पहुंचा। शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे टीम नरही थाना क्षेत्र के सोहांव पहुंची।
एनएच-31 से टीम जैसे ही गंगा नदी की तरफ बढ़ी तो लाइन से ट्रैक्टर व डंपरों की आवाजाही दिखी। कुछ मिट्टी व रेत भरकर ले जा रहे थे। कुछ गाड़ियां लोड होने जा रही थीं। टीम को देखते ही माफिया के गुर्गे सक्रिय हो गए। काम रुक गया। तभी हमारे स्थानीय निवासी सूत्र के पास इलाके के बड़े खनन माफिया ‘राय’ का फोन आया। उन्होंने पूरी तहकीकात करनी शुरू कर दी।
टॉर्च जलाकर घुमाना है कोडवर्ड
थोड़ी-थोड़ी दूरी पर मौजूद माफिया के गुर्गे किसी की आहट होने पर सक्रिय हो जाते हैं। अमर उजाला टीम को देखते ही कई गुर्गे एक साथ चारों तरफ टार्च जलाकर घुमाने लगे। दरअसल यह कोडवर्ड था। इसे देखते ही मिट्टी-रेत ढोने वाले ट्रक व ट्रैक्टर चालकों ने काम बंद कर दिया।