फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार ले जाई जा रही 24 लाख की अवैध शराब बरामद

विज्ञापन
विज्ञापन
रेवती। स्थानीय पुलिस एवं स्वाट की संयुक्त टीम ने लगभग 24 लाख की 152 पेटी अंग्रेजी शराब पिकअप वाहन से बरामद कर एक व्यक्ति को तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया है।
विज्ञापन

सीओ बैरिया अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक रामायण सिंह, एसआई चन्द्रशेखर सिंह, स्वाट टीम प्रभारी अजय यादव विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार की रात क्षेत्र में थे। मुखबिर से सूचना मिली कि एक पिकअप पर अवैध शराब लादकर सहतवार की तरफ से रेवती की ओर ले जाई जा रही है। पुलिस टीम गायघाट स्थित मां पचरूखा मन्दिर के समीप घेराबंदी कर चेकिंग करने लगी। रोके जाने के बाद पिकअप पर सवार दो लोग अन्धेरे का फायदा उठाते हुए भाग गए। पुलिस टीम ने तिवारी टोला थाना रिविलगंज जिला सारण (छपरा) बिहार निवासी अमित प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। तालाशी के बाद अमित के पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद किया। पिकअप पर से 72 पेटी बंटी ह्विस्की, 70 पेटी 8पीएम फ्रूटी, 10 पेटी गोल्डेन ह्विस्की समेत कुल 152 पेटी में 1375 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बरामद शराब तथा पिकअप की कीमत लगभग 24 लाख की है। अवैध शराब उप्र की किसी दुकान से बिहार ले जाई जा रही थी। शराब किस दुकान से ले जाई जा रही थी इसकी जांच की जा रही है।
आखिर क्यों नहीं लग पा रही शराब तस्करी पर लगाम
बैरिया। द्वाबा की इस धरती पर ग्रहण लगता दिख रहा है। शराब की अवैध तस्करी उसकी साख पर बट्टा लगा रही है।
बिहार में जब से शराबबन्दी हुई तभी से ये कंलक द्वाबा के नाम लगने लगा। पुलिस, सफेदपोश व अराजकतत्वोंकी मिली भगत से यह धन्धा अमरबेल की तरह पूरे द्वाबा में पसर गया। इसकी जड़ेंइतनी गहरी हैं की अब तोड़ पाना पुलिस के बस की बात नहीं लग रहा है। रोजाना ही कहीं न कहींशराब पुलिस पकड़ती है फिर भी तस्करी पर लगाम नहीं लग पाती। सूत्रों के अनुसार शराब की तस्करी को प्रोत्साहन पुलिस ही देती है। पुलिस को चढ़ावा चढ़ा कर बेरोकटोक शराब की तस्करी होती है। द्वाबा की भौगिलिक संरचना का फायदा उठा कर शराब की तस्करी होती है। हां ये जरूर है कि जब से शराब की तस्करी शुरू हुई है तब से अन्य अपराध कम हो गए। अन्य अपराध करने वाले शराब के तस्करी में लिप्त हो गए। बिहार में शराबबन्दी के पहले और आज की उप्र के बिहार सीमावर्ती अंग्रेजी शराब व बियर के दुकानों की बिक्री देखी जाए तो जमीन आसमान का अन्तर है। सबसे ज्यादा उन्ही दुकानों से तस्करी हो रही है। क्षेत्राधिकारी बैरिया अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि हमेशा ही पुलिस शराब पकड़ रही है। लिप्त लोगों पर कार्रवाई भी हो रही है। रही बात तस्करी में पुलिस के शामिल होने की तो यह जांच का विषय है। मैं अपने सर्किल के थानों पर जांच में लगा हूं। अगर ऐसा पाया गया तो गम्भीर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें