जयप्रकाश नगर। ऐसे समय में जब सरकारें देश की सड़कों और पुलों की देखरेख और उनकी मरम्मत समय से नहीं करा पा रही हैं, एक ऐसा व्यक्ति सामने आया है जिसने एनएच-31 की मरम्मत के लिए अपनी जेब से दस लाख रुपये देने की पेशकश की है। उसने इस आशय का पत्र एसडीएम बैरिया को सौंपकर कहा है कि यदि वे अनुमति दें तो वह अपनी संपत्ति व पत्नी के जेवर बेचकर एनएच की मरम्मत के लिए दस लाख रुपये देने को तैयार है। उनके इस पत्र को पाने के बाद प्रशासन अब किंकर्त्व्यविमूढ़ की स्थिति में है। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 की मरम्मत के लिए पैसे देने की पेशकश करने वाले सूर्यभान सिंह जिले के जयप्रकाश नगर के निवासी और 77 के आंदोलन के जनक जेपी के अनुयायी भी हैं।
एसडीएम बैरिया को दिए पत्रक में सूर्यभान सिंह ने कहा है कि बीते कई सालों से क्षेत्र की जनता एनएच-31 की दुर्दशा से कई तरह की परेशानियां झेल रही है। इसकी मरम्मत के लिए दर्जनों बार आंदोलन के साथ आत्मदाह का प्रयास तक हो चुका है, लेकिन एनएचएआई की अभी तक नींद नहीं खुली है। आज की हकीकत ये है कि इस समय एनएच केवल नाम के लिए रह गया है। इस पर इतने गड्ढे हैं कि महज 10-15 किमी की दूरी तय करने में ही लोगों को पसीने छूट जा रहे हैं। अब तक क्षेत्र के दर्जनों लोग इस खराब सड़क के कारण हुए हादसों में जान गवां चुके हैं तो सैकड़ों विकलांग हो चुके हैं। जब मरम्मत के सभी प्रयास फेल हो चुके हैं तो अब मुझे लगा कि मैं क्षेत्र में सच्चा समाजसेवी कहलाने का हकदार तभी हूं, जब इस मार्ग का निर्माण स्वयं करा सकूं। इसके बाद मैंने पत्नी से बात की और उसकी सहमति मिलने के बाद फैसला लिया कि अपनी संपत्ति और पत्नी के गहने बेचकर दस लाख रुपये उन सरकारी विभागों को दूं जो इस सड़क का निर्माण या मरम्मत करा सकती हों।
उन्होंने कहा कि एनएच की मरम्मत के लिए दस लाख देने के बाद उनके पास कुछ बचेगा नहीं, इसलिए यह तय किया है कि लोकतंत्र की आजादी के आंदोलन के प्रणेता जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली जयप्रकाश नगर के गांव जाने वाली सड़क की मरम्मत के लिए इलाके में घूमकर चंदा या भीख मांगेंगे। क्षेत्र के लोगों की तरफ से जो भी चंदे में मिलेगा उससे एनएच से जयप्रकाश नगर जाने वाली सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
क्षेत्र के समाजसेवी सूर्यभान सिंह द्वारा मुझे एक पत्रक प्राप्त हुआ है। उनका कदम सराहनीय अवश्य है, लेकिन मेरे द्वारा अनुमति नहीं दी जा सकती। हां इस पत्रक को एनएचएआई के अधिकारियों को भेजते हुए एनएच 31 बैरिया मांझी मार्ग के शीघ्र मरम्मत की मांग की जाएगी। ताकि क्षेत्र की जनता को इस परेशानी से मुक्त किया जा सके।
सुरेश पाल, उपजिलाधिकारी, बैरिया
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