बलिया। करीब आठ साल पुराने दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने एवं मांग पूरी नहीं होने पर हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या (1) ज्ञान प्रकाश तिवारी की अदालत ने अभियुक्त पति को दोषी पाते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विभिन्न धाराओं समेत कुल नौ हजार रुपये के जुर्माना भी लगाई है। साथ ही अदालत ने यह भी आदेश दी है कि जुर्माने की धनराशि भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त दो माह की सजा भुगतनी होगी।
बांसडीह कोतवाली द्वारा दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 297/2016 में थाने क्षेत्र के डूहीमुसी गांव निवासी अभियुक्त पिंटू पटेल पुत्र बलिराम को न्यायालय ने दोषी पाकर दस वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई है। अभियोजन के मुताबिक यह घटना आठ साल पूर्व घटित हुआ था विवाहिता को ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे जब मांग पूरी नहीं हुई तो उसकी इहलीला समाप्त कर दिए।