बेल्थरारोड। पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री छट्ठू राम ने प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद मांगे पूर्ण न होने पर क्षुब्ध होकर मंगलवार से तहसील परिसर में बेमियादी अनशन शुरू कर दिया। इसके पूर्व, छट्ठू राम का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। अनशन को मिल रहे अपार जनसमर्थन से आंदोलनकारियों के हौसले बुलंद हैं।
छट्ठू राम ने आरोप लगाया कि प्रशासन जनसमस्याओं के निस्तारण के प्रति कतई गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि कांशीराम आवास और आसरा आवास आठ वर्ष पूर्व बनकर तैयार हो गया है लेकिन अभी तक आवास के कमरों को गरीबों को आवंटित नहीं किया गया। उन्होंने गोंड बिरादरी को पूर्व की भांति अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी करने, चौकिया मोड़ से तेंदुआ और चौकिया से बेल्थरा बाजार मार्ग निर्माण, जर्जर विद्युत पोल और तार बदलने, बाढ़ और जलप्लावन से बर्बाद फसल का मुआवजा, तुर्तीपार श्मशान घाट जाने वाले जर्जर मार्ग के निर्माण की मांग की। उन्होंने बताया कि गत 23 सितंबर को प्रशासन द्वारा तीन दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन देकर अनशन स्थगित कराया गया था। उसके बाद, प्रशासन द्वारा सिर्फ कागजी खानापूरी कर कर्तव्य की इतिश्री कर दी गई। धरातल पर किसी भी समस्या का निस्तारण नजर नहीं आ रहा है। इससे विवश होकर पुन: अनशन शुरू करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूर्ण नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के प्रथम दिन राजेश सिंह, सुरेमन पासवान, रामवृक्ष राजभर, ताराचंद चौहान, बृजेश गोंड़, सुग्रीव राजभर, राहुल पासवान, ठाकुर राम, गोपाल ठाकुर, राम इकबाल आदि ने अनशन में सहभागिता की।