हल्दी। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर स्थित हल्दी ढाले से बाढ़ क्षेत्र के दर्जन भर गांवों को जोड़ने वाली सड़क और पुलिया निर्माण और मरम्मत समेत पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में चल रहा अनशन रविवार की शाम काफी हो-हल्ला के बाद उप जिलाधिकारी सदर की पहल पर समाप्त हो गया। एसडीएम ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस दौरान सत्ता पक्ष के दबाव में इलाकाई पुलिस ने युवाओं को आतंकित कर आवाज दबाने का खूब प्रयास किया।
बता दें कि सड़कों की बदहाली के खिलाफ हल्दी ढाले पर आजाद भोला पांडेय, आनंद प्रकाश पांडेय, छोटू उपाध्याय और पीयूष पांडेय ने दो दिवसीय अनशन पर बैठे थे। इस बीच पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा तुरंत कार्य शुरू कराने का वादा भी किया गया लेकिन उनका वादा झूठा निकला। इसके बाद अनशनकारियों के युवा साथियों ने अधिकारियों का शव यात्रा भी निकाला लेकिन युवाओं की मांगें नहीं मानी गई। इसके बाद, युवाओं ने अधिकारियों को चेताया कि अगर हमारी पांचों मांगें नहीं मानी गई तो हम युवा सोमवार को चक्काजाम और आत्मदाह करेंगे। इसके बाद एक सप्ताह से किरकिरी झेल रहा सत्ता पक्ष के साथ ही जिला प्रशासन के भी हाथ-पांव फूलने लगे। हरकत में आए अधिकारियों ने फोन से जानकारी ली। वहीं, युवाओं द्वारा रविवार की देर शाम जिला प्रशासन के खिलाफ मशाल जुलूस निकाला गया। इसी बीच स्थानीय पुलिस और युवाओं के बीच काफी झड़प भी हुई। इस दौरान पुलिस ने कई प्रकार से भयभीत किया। तब अनशनकारी सड़क पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देर शाम मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर राजेश यादव ने अनशनकारियों की मांगों को मानने के बाद जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। इस मौके पर पीडब्यूडी के अधिशासी अभियंता एके सिंह, सीओ बैरिया राकेश कुमार तिवारी, थानाध्यक्ष हल्दी सत्येंद्र कुमार राय, बैरिया थानाध्यक्ष संजय कुमार त्रिपाठी, दुबहर थानाध्यक्ष अनिल चंद्र तिवारी अपने दलबल के साथ मौजूद रहे।