बैरिया क्षेत्र के रामनगर में अखंड भारत निर्माण मिशन के तत्वावधान में आयोजित वस्त्र वितरण समारोह
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बैरिया। जब तक गांव समृद्ध नहीं होंगे देश समृद्ध नहीं होगा। गांव तभी समृद्ध होगा जब परिवार समृद्ध होगा और परिवार की समृद्धि बिना संयुक्त परिवार के नहीं है। इसलिए परिवार को विघटन से बचाने के लिए हम सब को आगे आना होगा। जब तक परिवारों का विघटन नहीं रुकेगा तब तक देश का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। ये बातें सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने रामनगर में अखंड भारत निर्माण मिशन के तत्वावधान में जरूरतमंदों के लिए आयोजित वस्त्र वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
सांसद ने कहा कि आज परिवार टूट रहा है जिससे देश में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। परिवार के टूटने से व्यक्ति का सामाजिक मूल्यांकन घटता है। सांसद ने भोजपुरी में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से आग्रह किया कि खाने की सामग्री अपने खेतों में पैदा करें और कम से कम एक गाय जरूर पालें। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि इस देश में साढ़े छह लाख गांव हैं और भारत गांवों में बसता है। महानगरों से भारत की पहचान नहीं है। इस कोरोना की संकट में अमेरिकी व यूरोपीय देश के लोग भी भारतीय जीवन पद्धति को सर्वोत्तम मानते हुए इसे अपनाना शुरू कर दिया है। क्योंकि जनसंख्या के अनुपात में यहां कोरोना से विकसित देशों की तुलना में कम नुकसान हुआ है। सांसद ने कहा कि कोरोना के चलते सभी कल कारखाने बंद हो गए थे, लेकिन किसानी का कार्य बिना प्रभावित हुए चलता रहा। इसलिए मैं लोगों से भारतीय जीवन पद्धति अपनाने का आग्रह करता हूं। इस अवसर पर अखंड भारत मिशन के तरफ से मोहन चंद उपाध्याय ने सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, लोक गायक गोपाल राय व अन्य अतिथियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया। इस मौके पर पूर्व प्रमुख कन्हैया सिंह, कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष मुक्तेश्वर सिंह, अमिताभ उपाध्याय, सुशील पांडेय, श्यामसुंदर उपाध्याय, दिलीप गुप्त आदि रहे। संचालन कृष्णकुमार पांडेय ने किया।