बलिया/ पंदह। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने के सरकारी दावे हवाई हैं। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला कागजों में सिमट कर रह गया है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में इन मेलों में भले ही मरीजों की भारी संख्या दिखती हो लेकिन असलियत यह है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले के दौरान डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ ड्यूटी से नदारद रह रहे हैं।
रविवार को क्षेत्र के न्यू पीएचसी खड़सरा की पड़ताल के दौरान न्यू पीएचसी खड़सरा पर दिन में 1:22 बजे तक एक भी मरीज नहीं आया था। वजह की न तो यहां कोई चिकित्सक है और न ही एलोपैथ फार्मासिस्ट। मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स सुमन वर्मा, आयुष फार्मासिस्ट शशिकांत पाठक, लैब असिस्टेंट देवेश पाठक और वार्ड बाॅय राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चिकित्सक की तैनाती न होने से मरीजों का आना कम होता है। आरोग्य मेले में अभी तक एक भी मरीज नहीं आया है।
19 मरीजों का इलाज
लखनापार। पीएचसी ईसार पीथापट्टी 19 मरीजों का इलाज कर दवा दी गई। केंद्र पर चार कर्मचारी की जगह तीन उपस्थित मिले। फार्मासिस्ट योगेंद्र कुमार अवकाश पर थे। डॉॅ. रामकिशुन ने बताया कि केंद्र पर कुल 56 प्रकार की दवाएं चाहिए लेकिन 50 प्रकार की दवा व इंजेक्शन उपलब्ध हैं। यहां पीने के पानी व्यवस्था नहीं है। डॉ. रामकिशुन ने बताया कि इसमें लिए सीएमओ को कई बार पत्र भी लिखा गया है। मरीजों के लिए शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है। इससे महिला मरीजों को काफी कठिनाई होती है।