बलिया। ग्रामीणों को गांव के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला कई केंद्रों पर औपचारिकता तक सिमटा नजर आया। कहीं डॉक्टर नहीं मिलने से मरीजों को लौटना पड़ा तो कहीं हेल्थ एटीएम महीनों से खराब पड़ी हैं।
कई केंद्रों पर सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की जांच कर दवा देकर जिम्मेदारी पूरी कर दी गई। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के नोडल डॉक्टर योगेंद्र दास ने कहा कि जिले के 81 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे स्वास्थ्य शिविर में 1896 मरीजों का इलाज हुआ। पूर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मेले में 20 मरीज पहुंचे। अधिकांश सर्दी-खांसी, वायरल संक्रमण और त्वचा के फंगल संक्रमण से पीड़ित थे। चिकित्सक आशीष चौहान ने मरीजों की जांच कर दवाएं दीं।
पहराजपुर निवासी कैलाश सिंह हाइपरटेंशन और सहुलाई के प्रेमचंद चौहान सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर पहुंचे। वहीं गढ़मलपुर पीएचसी में पर आयोजित मेला में 10 मरीज आए। होम्योपैथी चिकित्सक चंद्रा ने उपचार किया। गढ़मलपुर में तैनात लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार ने बताया कि केंद्र पर फिलहाल कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। केंद्र की हेल्थ एटीएम मशीन करीब दो महीने से खराब है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हुई। पूर में भी हेल्थ एटीएम का प्रभावी संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में आधुनिक जांच सुविधा का दावा मशीनों के शोपीस बने रहने से सवालों में है।
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वार्ड बॉय और एलटी के भरोसे आरोग्य मेला
जयप्रकाश नगर। प्रभावती देवी सीएचसी जयप्रकाश नगर में आरोग्य मेला स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण प्रभावित रहा। अस्पताल में वार्ड बॉय प्रदीप सिंह और संविदा लैब टेक्नीशियन ऋषभ विश्वकर्मा मौजूद रहे। मरीजों के अनुसार चिकित्सक नहीं मिलने पर कई लोग लौट गए। अस्पताल कर्मियों के मुताबिक यहां तीन चिकित्सकों की तैनाती है। फार्मेसी स्टाफ की अनुपस्थिति भी चर्चा में रही। स्टाफ नर्स रंजना प्रजापति ने अकेले 24 घंटे की सेवा संभाल रही है।
इंदरपुर में बुखार के मरीजों की संख्या अधिक
इंदरपुर। क्षेत्र के पीएचसी और न्यू पीएचसी पर आयोजित मेले में बुखार के मरीज अधिक पहुंचे। भीमपुरा नंबर दो, मालीपुर, कसौंडर, इंद्रौली मलकौली और किशोरगंज में आयुष चिकित्सकों ने मरीजों की जांच की। न्यू पीएचसी बछईपुर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष कुमार चौहान ने 55 मरीजों का उपचार किया। कसौंडर में आयुष चिकित्सक डॉ. राजेश यादव ने 20 मरीज देखे। आरोग्य मेले का उद्देश्य ग्रामीणों को जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर देना है, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति और खराब उपकरणों ने व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है।
मेला में अनुपस्थित चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की जानकारी अभी नहीं है, जांच करवाने के बाद अगर कोई गैर हाजिर मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हेल्थ एटीएम खराब की जानकारी नहीं है। योगेंद्र दास, एसीएमओ व नोडल मेला।