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एक सप्ताह में तैयार हो जाएगा ग्राम्य न्यायालय

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बैरिया में तहसील परिसर में बन रहे ग्राम न्यायालय की प्रगति के निरीक्षण के लिए मंगलवार को जिला सत्र न्यायाधीश विकार अहमद अंसारी, एडीजे हुसैन अहमद अंसारी के साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेंद्र प्रसाद तहसील पहुंचे। तीसरे तल पर ग्राम न्यायालय लगभग बनकर तैयार हो चुका है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता विकास सिंह ने बताया कि सिर्फ पंखे व एसी लगाने का काम शेष रह गया है। एक सप्ताह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
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13 मार्च 2019 को ग्राम न्यायालय निर्माण के लिए आदेश जारी हुआ था। इसके बाद जून 2020 में 18.93 लाख रुपये की लागत से प्लम्बर, डैसबोर्ड, फर्नीचर का कार्य के लिए स्वीकृति मिली थी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया। जून 2021 को निरीक्षण पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बताया था कि दो महीने में न्यायालय भवन को संसाधनों से लैसकर इसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी। उच्च न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद यहां ग्राम न्यायालय का संचालन शुरू हो जाएगा। यहां एक मुंसिफ मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी जो फौजदारी के दो वर्ष तक की सजा वाले मामले व एक हजार तक के जुर्माना वाले मामले की सुनवाई करेंगे। फिलहाल निर्माण कार्य देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि जल्द ही बैरिया तहसील के तीसरे मंजिल पर ग्राम न्यायालय द्वारा न्यायिक कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ग्राम न्यायालय के निरीक्षण के मौके पर उपजिलाधिकारी अभय कुमार सिंह, तहसीलदार बैरिया संजय सिंह, एसएचओ शिव शंकर सिंह आदि उपस्थित रहे।
ग्राम्य न्यायालय के लिए किया भूमि का निरीक्षण
दया छपरा। उच्चन्यायालय के आदेश के अनुपालन में बैरिया तहसील क्षेत्र के दया छपरा पानी टंकी की भूमि पर तीन माह पूर्व ग्राम न्यायालय बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसका निरीक्षण मंगलवार को जिला सत्र न्यायाधीश विकार अहमद अंसारी, एडीजे हुसैन अहमद अंसारी के साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेन्द्र प्रसाद, उप जिलाधिकारी बैरिया अभय कुमार सिंह, तहसीलदार संजय सिंह, एसएचओ शिवशंकर सिंह व लेखपाल अभिषेक पाण्डेय और रितेश कुंवर ने किया। दया छपरा पानी टंकी के पास जमीन को ग्राम न्यायालय के लिए उपयुक्त पाया। न्यायाधीश ने बताया कि यह जमीन ग्राम न्यायालय के लिए उपयुक्त है। मानक से थोड़ी कम है उसे पूरा कर लिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी ताकि तत्काल यहां ग्राम न्यायालय बन जाए। तब तक तहसील के तृतीय तल पर बन रहे न्यायालय में न्यायालय चलेगा।
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