प्रदेश की राज्यपाल एवं जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मैं 10 किलोमीटर पैदल स्कूल जाती थी। उस समय जूते भी नहीं होते थे।
सरदार वल्लभ भाई पटेल 40 किलोमीटर पैदल पढ़ने जाते थे। उनका एक ही लक्ष्य था कि वकील बने और देश में अपना नाम करें।समा विश्वविद्यालयों के अच्छे और गलत काम की जानकारी टीवी, न्यूज पेपर, व्हाट्सएप के माध्यम से हमारे पास आती है। डिग्री डिजी लॉकर में है, उसको डाउनलोड कर लें। समर्थ पोर्टल भी है। उसे देख लें नाम, पता, जन्मतिथि गलत हुआ तो पहले संशोधन कर लें। अन्यथा छात्र स्वयं जिम्मेदार होंगे।
राज्यपाल मंगलवार को विवि परिसर में आयोजित सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने के लिए युवाओं को नवाचार और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ना होगा। समारोह में विभिन्न संकायों के मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां दी।