माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत जिले में 186 केंद्रों की अनंतिम सूची जारी की गई है, जो पिछली बार से करीब 22 अधिक हैं। रोचक तथ्य है कि इस बार वर्ष 2023 की परीक्षा के सापेक्ष परीक्षार्थियों की संख्या में करीब 33 हजार कमी आई है। बावजूद इसके बोर्ड द्वारा परीक्षा केंद्रों की संख्या में इजाफा करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों की मानें सब कुछ ऑनलाइन बोर्ड द्वारा तय किया गया है। और तो और करीब 15 ऐसे विद्यालयों को भी केंद्र बनाया गया है, जो पूर्व की परीक्षा में या तो डिबार है या फिर वहां नकल करते पकड़ा गया था।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2023-24 के लिए केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। जिले में इस बार 186 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसकी अनंतिम सूची बोर्ड ने बृहस्पतिवार को वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी हैं। साथ ही 27 तक आपत्तियां मांगी गई है।
जिले में कुल 607 विद्यालय हैं, जिसमें 32 राजकीय, 92 सहायता प्राप्त और 483 वित्तविहीन स्कूल शामिल हैं। बोर्ड ने परीक्षा कराने के लिए 186 केंद्र प्रस्तावित किया है। उस पर 27 नवंबर तक आपत्तियां मांगी हैं। पिछले वर्ष 164 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। वहीं, इस सत्र में कुल एक लाख 25 हजार 350 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। हाईस्कूल में 64155 तथा इंटरमीडिएट में 61195 छात्र-छात्राएं हैं। जबकि पिछले वर्ष 2022-23 में हाईस्कूल की परीक्षा में 77307 और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 81715 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। परीक्षार्थियों की संख्या पिछले सत्र की तुलना में करीब 33 हजार 715 विद्यार्थी कम है। पिछले वर्ष के सापेक्ष इस बार 22 केंद्र अधिक बनाए गए हैं।
बता दें कि परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए बोर्ड ने सभी केंद्रों का तहसील स्तर पर एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीम ने भौतिक सत्यापन किया था, जिसके रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने जिले के 594 केंद्रों की सूची बोर्ड को भेजी थी।
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ब्लैक लिस्टेड भी बने सेंटर
विभागीय अधिकारियों की मानें तो पिछली परीक्षा में जिन सेंटरों पर परीक्षा के दौरान नकल हुईं थी और उनके खिलाफ कार्रवाई हुईं थी परिषद ने जिओ लोकेशन के आधार पर उसे सेंटर बना दिया। जबकि जहां मानक अनुरुप परीक्षा कराई जाती है उन स्कूलों को बोर्ड ने इस बार सेंटर ही नहीं बनाया है।
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बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों की अनंतिम सूची जारी कर दी गई। इनमें जो दागी विद्यालय है उनकों काटा जाएगा और उनके स्थान पर अच्छे स्कूलों को शामिल किया जाएगा। साथ ही अगर केंद्र को लेकर किसी प्रधानाचार्य को कोई शिकायत है तो वह 27 नवंबर तक कार्यालय में आपत्ति कर सकता है।
-रमेश कुमार सिंह, डीआईओएस, बलिया।