बांसडीह। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की ओर से स्नातकोत्तर महाविद्यालय बांसडीह में मंगलवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। ‘युद्ध, व्यापार और समाज का आकलन : अमेरिका-ईरान संघर्ष का भारत सहित दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों पर सामाजिक और आर्थिक प्रभाव’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने युद्ध के वैश्विक प्रभाव, व्यापार, ऊर्जा संकट, राष्ट्रीय सुरक्षा और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल, मगध विश्वविद्यालय बोधगया के समाजशास्त्र विभाग के प्रो. दीपक कुमार, मुख्य वक्ता डॉ. हरिशरण शर्मा और जेएनयू नई दिल्ली के प्रो. शांतेश कुमार सिंह ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया।
विधायक केतकी सिंह ने अमेरिका-ईरान संघर्ष, ऊर्जा संकट और भारत की भूमिका पर विचार रखे। जेएनयू के प्रो. शांतेश कुमार सिंह ने कहा कि स्वयं में सुधार ही राष्ट्र की सुरक्षा का आधार है। प्रो. दीपक कुमार ने अमेरिका-ईरान संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक संकट और होर्मुज जलसंधि के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने कहा कि ऐसी संगोष्ठियां वैश्विक संकटों को समझने और उनके समाधान के रास्ते तलाशने का अवसर देती हैं।
अंत में प्राचार्य डॉ. फिरोज खान ने अतिथियों के प्रति आभार जताया।