बेल्थरारोड। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में किसानों के लिए अभिशाप बने कोइली मोहान ताल को जल संरक्षण केंद्र बनाया जाएगा। साथ ही ताल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सरयू की बाढ़ और कटान से राहत दिलाने की स्थायी व्यवस्था की जाएगी। गौतम बुद्ध घाट स्थित शिव मंदिर, सोनबरसा और नारा पार में कटान से रोकथाम के लिए ठोकर बनाए जाएंगे। ये बातें विधायक धनंजय कन्नौजिया ने कहीं।
उन्होंने कहा कि कोइली मोहान ताल से पैदा समस्याओं के स्थायी निराकरण के लिए जल संरक्षित किया जाएगा, ताकि ताल के किनारे बसे बाशिंदों को राहत मिल सके। ताल के पानी से हर साल सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद होती है। जल संरक्षण के लिए सरकार ने अलग से जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। विधायक ने बताया कि बाढ़ और कटान से राहत पहुंचाने के लिए चैनपुर गुलौरा टगुनिया में ठोकर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ठोकर निर्माण का प्रस्ताव भेज दिया गया है। ठोकर निर्माण हो जाने से गौतम बुद्ध घाट पर नदी की धारा प्रवाह नियंत्रित हो सकेगी। विधायक ने बताया कि ताल के जल के सदुपयोग की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे रोजगार के नए अवसर अवसर उपलब्ध हो सके। स्प्ष्ट किया कि शीघ्र ही जनता को बाढ़, कटान और कोइली मोहान ताल की समस्या से निजात मिलेगी।