संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर के 61वें परिनिर्वाण दिवस पर जिलेभर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने डा. अंबेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए उन्हें गरीबों और मजलूमों का मसीहा बताया। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट स्थित डा. भीमराव डा. अंबेडकर संस्थान परिसर में मंगलवार को बाबा साहब का 61वां परिनिर्वाण दिवस मनाया।
इस दौरान वक्ताओं ने बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तिव पर विस्तर से प्रकाश डाला। साथ ही बाबा साहब के सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प जताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जोन कोआर्डिनेटर करुणाकांत मौर्य ने कहा कि बाबा साहब की हार्दिक तमन्ना थी कि इस देश में असमानता, ऊंच-नीच, छूआ-छूत की खाई को समाप्त कर इस देश में समतामूलक समाज की स्थापना कर गरीबों, दलितों और पिछड़ों सहित अल्पसंख्यकों को सामाज की मुख्यधारा में लाकर आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक आजादी दिलाई जाए।
बसपा नेता साथी रामजी गुप्त ने कहा कि नगर विधानसभा के लोगों का वोट लेकर अब तक विकास करने, उनकी बात सुनने की बात तो दूर केवल शोषण करने का प्रयास किया। अध्यक्षता साथी रामजी गुप्त और संचालन मंजूर आलम ने किया। इस मौके पर डा. इंदल राम, सुरेंद्र निषाद, एस प्रताप वैद्य, पूर्व चेयरमैन संजय उपाध्याय, अनिल राय, मदन वर्मा, शंभूनाथ गुप्त, लाल साहब विश्वकर्मा, संजय चौहान, कमलेश भारती, राजू पासवान, फैयाद अहमद आदि रहे। उधर, नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सागर सिंह राहुल के नेतृत्व में बाबा साहब अंबेडकर की पुण्यतिथि मनाई गई।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार, संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर के 61वें परिनिर्वाण दिवस पर रामलीला मैदान में मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री घुरा राम ने डा. अंबेडकर के बहुआयामी व्यक्तित्व की चर्चा की। कहा कि डा. अंबेडकर ने संविधान की रचना कर समाज के दबे-कुचले लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की व्यवस्था की।
डा.अंबेडकर ने शोषण विहीन समतामूलक समाज की स्थापना के लिए आजीवन संघर्ष किया। इस दौरान बजरंगी मद्धेशिया और शिव नारायण क्रांतिकारी ने भाजपा का दामन छोड़ बसपा की सदस्यता ग्रहण की। पूर्व मंत्री ने इनको माला पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर विक्रमा मौर्य, चैन प्रसाद, सुभाष राम, धर्मेंद्र भारती, संदीप वर्मा, अवधेश, देवानंद, सत्यप्रकाश, जावेद, अनवर, लल्लन, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।