बलिया। जिले में गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग अनुसार जिले में सोमवार की शाम चार बजे गायघाट गेज पर गंगा का जलस्तर 53.26 मीटर दर्ज किया गया। इससे तटवर्ती लोगों में दहशत व्याप्त हो गया है।
वहीं, तुर्तीपर हेड पर सरयू नदी स्थिर होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। तुर्तीपार हेड पर नदी शाम चार बजे 61.85 सेमी पर स्थित थी। वहीं चांदीयर व मांझी घाट गेज पर नदी घटाव पर रही। गंगा नदी में बढ़ाव को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी सतर्कता बरतते हुए नदी तटीय गांवों में निगरानी बढ़ा दी है।
हुकुमछपरा और रामगढ़ कटानरोधी स्पर लाॅन्चिंग से लोग भयभीत : मझौवां। हुकुम छपरा और रामगढ़ में कटानरोधी कार्य जारी हैं। कार्यों के समापन से पहले ही एनएच-31 के किमी 26.250 और किमी 27.500 से 27.950 के बीच 13 करोड़ 35 लाख 59 हजार से निर्माणाधीन स्पर लाॅन्चिंग करना शुरू कर दिया है। यह स्थिति इसलिए और भी गंभीर हो गई है क्योंकि इस प्रकार के कार्यों के बीच नदी की दिशा और प्रवाह में अचानक परिवर्तन होने की संभावना होती है।
स्पर एक संरचनात्मक निर्माण होता है जिसे नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए बनाया जाता है। कटान पीड़ित प्रभुनाथ ओझा ने बताया कि ऐसे कार्यों के बीच में लाॅन्चिंग करने से नदी के प्रवाह में अचानक बदलाव आ सकता है, जिससे न केवल कृषि योग्य भूमि का कटान हो सकता है, बल्कि तटवर्ती गांवों को भी भारी नुकसान हो सकता है।
हमें डर है कि कहीं नदी का प्रवाह हमारे गांव के पास न आ जाए। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्पर लांचिंग के बाद नदी की दिशा को नियंत्रित किया जाएगा और भविष्य में कोई अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जाएगा।
हालांकि, जब तक कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक स्थानीय लोगो के ऊपर कोई खतरे की बात नहीं है। किमी 27.500 पर फ्लड फाइटिंग के लिए मिट्टी इकट्ठा करके रखा गया है जो बढ़ते हुए जलस्तर में डाला जाएगा। किमी 26.250 पर बालू के बदले मिट्टी से भरे बोरी रखे गए है जो फ्लड फाइटिंग में लगाए जाएंगे, जिससे सरकारी धन का लूट खसोट होना स्वाभाविक है।