गंगा अब अपने विकराल रूप में आने लगी है। गुरुवार की शाम को गंगा चेतावनी बिंदु पार कर गई थीं और शुक्रवार को भोर में नदी लाल निशान को पार कर गई। जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए किनारे रहने वाले अपना आशियाना समेटकर सुरक्षित ठौर पहुंचने लगे हैं।
उधर डेंजर जोन पचरूखिया पर भी अधिकारियों की निगरानी बढ़ गई है। प्रशासन गंगा के बढ़ाव पर नजर रखे हुए है। कुछ दिन पूर्व एमपी तथा उत्तराखंड में तेज बारिश से गंगा के जलस्तर में एकाएक तेजी से इजाफा हुआ है। निचले हिस्से में गंगा प्रवेश कर गई है जिससे सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है।
रामगढ़ संवाददाता के मुताबिक गंगा शुक्रवार की भोर में खतरे के निशान को पार कर गई। जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए गंगा के किनारे बसे लोग सुरक्षित ठौर तलाशने में जुटे हैं। उधर डेंजर जोन पचरूखिया पर भी अधिकारियों की चौकसी बढ़ गई जिससे गंगा में बढ़ाव पर नजर रखी जा सके।
तटीय इलाके में हो रही बैकरोलिंग के चलते डेंजर जोन मझौंवा-पचरूखिया पर दबाव बढ़ रहा है। दबाव बढ़ने के चलते स्पर संख्या 18 और 19 का अगला भाग भी नीचे खिसक गया है, जो कभी भी गंगा की लहरों में बह सकता है। गंगा किनारे के चौबे छपरा, केहरपुर, श्रीनगर, सुघर छपरा के लोग सहमे हुए हैं। हालांकि इतने के बाद भी शासन-प्रशासन और बाढ़ विभाग ने न कोई कार्ययोजना बनाई है और न ही कोई ठोस पहल की है।
डेंजर जोन मझौंवा-पचरूखिया पर बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता आरएन यादव नेे सहायक अभियंता और एसडीओ कुमार गौरव को चौकसी बरतने का निर्देश दिया । डेंजर जोन पर जहां जीओ विधि से बनाया जा रहा प्लेटफार्म पूरी तरह से डूबने से बाढ़ निरोधक कार्य भी ठप पड़ गया है।