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नगर में नहीं स्थापित होगी गणेश प्रतिमा

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बलिया। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी तिथि को महाराष्ट्र के लोग नगर के स्टेेशन -चौक रोड पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजन अर्चन करते हैं। लेकिन इस वर्ष जनपद में निवास कर रहे महाराष्ट्र के लोग कोरोना के चलते अपने अपने घर को चले गए है। इसमें से केवल दो-तीन परिवार के लोग ही जनपद में रह गए हैं, जो आज अपने अपने घरों में गणेश की प्रतिमा रखकर पूजन अर्चन करेंगे। इस वर्ष कोरोना के चलते गणेश की प्रतिमा स्थापित नहीं होगी।
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महाराष्ट्रीयन अक्षय पाटिल व पंडित भोसले ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते अधिकांश लोग अपने अपने घर को जा चुके है, जो शेष दो-चार परिवार के लोग रह गए है। वे लोग इस वर्ष भगवान गणपति की प्रतिमा स्थापित करने के बजाय अपने अपने घरों में गणेश भगवान का चित्र स्थपित कर विधिवत पूजन अर्चन करेंगे। बता दे कि जनपद में गणेश महोत्सव पर सोना-चांदी व वाहन खरीदने की प्रचलन नहीं है। जनपद में विजयादशमी और दीपावली पर सोना-चांदी व वाहनों की एडवांस बुकिंग या खरीददारी करते है। इस बाबत थम्हनपुरा निवासी पं. अभय प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि उत्तर भारतीय परंपरा में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का प्रचलन नहीं है। इसलिए इसदिन इस क्षेत्र के लोग सोना-चांदी व वाहनों की खरीददारी नहीं करते है। यह प्रचलन ज्यादेतर महाराष्ट्र व कुछ अन्य प्रांतों में है अपने यहां नहीं। बताया कि इस गणेश चतुर्थी को अपने यहां ढेलहिया चतुुर्थ कहते है। इस दिन चंद्र दर्शन निषेध है। अगर कोई भूल से चंद्रमा को देख लेता है तो उसे श्मयंतक मणि कथा सुनना पड़ता हैं।
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