वाराणसी से बलिया जाते समय गाजीपुर घाट पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नारद राय का स्वागत करते लोग।
आज ही के दिन महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो और करो या मरो का नारा दिया था, जिसके बदौलत बागी बलिया के लोगों ने ब्रितानिया हुकूमत की चूलें हिलाकर रख दीं, लेकिन यह कैसी विडंबना है कि गांधी जी को पूजने वाले देश में गांधी के हत्यारों के पास सत्ता की चाभी है। यह बातें बसुधरपाह स्थित स्व. विक्रमादित्य पांडेय के आवास पर आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में प्रदेश के कबीना मंत्री नारद राय ने कहीं।
उन्होंने कहा कि शहीदों के खून से सनी हुई इस बागी बलिया के धरती को देश-प्रदेश में हुकूमत करने वाले सरकारों ने एक साजिश के तहत बलिया का वाजिब हक विकास के रूप में नहीं दिया था। प्रदेश में पहली मर्तबा मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी और उस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हमारे नेता विक्रमादित्य पांडेय ने बलिया के विकास की रूपरेखा तैयार की थी।
लेकिन उनकी असमय मृत्यु के कारण समूचा कार्य अधूरा रह गया, तब से लगातार अधूरे कार्यों को उनके सपनों के अनुरूप पूरा करने में लगा हुआ हूं और बलिया को सजाने और संवारने का काम कर रहा हूं। कहा कि बलिया में भी कुछ भाजपा के नेता पराशर मुनि के आश्रम और महर्षि भृगु के धरती पर नफरत के बीज बोकर और दंगा कराने की साजिश रचकर अपनी चुनावी धरातल को तलाशने आये हैं। उन्हें मुंहतोड़ जवाब देना होगा।
ताकि बलिया के गंगा जमुनी संस्कृति को कायम रखा जा सकें। इस अवसर पर मंत्री प्रतिनिधि बबलू तिवारी, प्रधान संघ के अध्यक्ष गुड्डू राय, परमेश्वर यादव प्रधान, नगर अध्यक्ष राजकुमार पाण्डेय, श्री प्रकाश पाण्डेय मुन्ना, शशिकान्त सिंह, दरोगा ंसिह, बबलू सिंह प्रधान, कमलेश राय, हृदयानन्द सिंह, नन्द जी कुंवर, अनिल पाण्डेय, शिवजी यादव प्रधान, कृष्णा सिंह आदि लोगों ने विचार व्यक्त किये।