गंगहरा गांव में आयोजित चेतक प्रतियोगिता में अव्वल घुड़सवार को कप देकर सम्मानित करते बसपा नेता शिवानंद सिंह।
क्षेत्र के गंगहरा स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर की वर्षगांठ पर गुरुवार की शाम चेतक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नामी-गिरामी घुड़सवारों ने अपने-अपने राजा, रंछो और हीरा को दौड़ाकर खूब वाहवाही लूटी।
प्रतियोगिता में गड़वार के रणजीत सिंह का घोड़ा जहां अव्वल आया, वहीं कपूरी के शेषनाथ चौधरी और इंदरपुर के डुलडुल सिंह का घोड़ा क्रमश: द्वितीय और तृतीय रहे। इसके पूर्व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बसपा के वरिष्ठ के नेता शिवानंद सिंह ने हरी झंडी दिखाकर प्रतियोगिता शुभारंभ किया।
क्षेत्र के गंगहरा स्थित राम-जानकी मंदिर की भव्यता जनपद की साख को चार चांद लगाती हैं। 2015 में मंदिर तैयार होने के बाद गुरुवार को वर्षगांठ के अवसर पर भव्य चेतक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें जनपद के विभिन्न इलाकों से आए करीब 25 घुड़सवार शामिल हुए।
तीन राउंड दौड़ के बाद फाइनल राउंड में दस घोड़े दौडे़। हरी झंडी के दिखते ही जैसे ही घुड़सवारों ने एड़ लगाई दर्शक अपने-अपने चहेते घोड़ों के लिए चिल्ला-चिल्लाकर हौसला बढ़ाते रहे। अंतत: गड़वार के रणजीत सिंह का घोड़ा अव्वल आया। वहीं कपूरी के शेषनाथ चौधरी और इंदरपुर के डुलडुल सिंह का घोड़ा क्रमश: द्वितीय, तृतीय रहे। मुख्य अतिथि शिवानंद सिंह कहा कि हार ही जीत की कुंजी होती है।
हार से कभी निराश नहीं होना चाहिए। कहा कि अगले साल इससे भी बड़ा आयोजन हो इसके लिए मैं तैयार हूं। आयोजन समिति में पूर्व प्रधान धर्मेंद्र सिंह रिंकू, मंदिर के पुजारी श्रीश्री 108 बद्रीनाथ सिंह का सहयोग रहा। इस मौके मुख्य रूप से भोला सिंह, डा. गौरी शंकर ङ्क्षसह, विजय शंकर सिंह, सीता राम सिंह, रणविजय सिंह आदि लोग रहे। वहीं निर्णायक की भूमिका में शिवसागर उपाध्याय, विपीन सिंह और उद्घोषक जयशंकर सिंह रहे।