प्रेसवार्ता करते पूर्व विधायक राम इकबाल।
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पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रामइकबाल सिंह ने शुक्रवार को नगरा में कहा कि देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। बेरोजगारों की उपेक्षा की जा रही है। अधिकारी सरकार को रोजगार का आंकड़ा दिखा देते हैं। संस्थाएं बिना रिश्वत एक भी भर्ती नहीं कर रही हैं। तनख्वाह में से भी आधा ले लिया जाता है।
नगरा कस्बे में भाजपा मंडल अध्यक्ष के आवास पर प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि सरकारों ने छात्र आंदोलनों को कुचलने के लिए लिंगदोह कमेटी की जो चाबुक चलाई, उससे छात्र आंदोलनों की कमर टूट गई। विश्वविद्यालयों में चुनाव नहीं हो रहा है। इसका सीधा असर हुआ कि सरकारें मनमानी और नौजवानों के साथ संवेदनहीन व्यवहार कर रहीं हैं।
पद निकलते ही भर्ती पर स्टे हो जाता है। ये योजना के तहत किया जाता है। जितने पद रिक्त है, उस पर सरकार लिखित परीक्षा कराकर क्यों नहीं सीधे ज्वाइन कराकर ट्रेनिंग दे रही है? सभी नौकरियां ठेके पर एनजीओ को दे दी गई हैं। प्रदेश के ईमानदार मुख्यमंत्री को इधर भी दृष्टि दौड़ानी चाहिए। अधिकारियों के भरोसे 24 करोड़ जनता को नहीं छोड़ना चाहिए।