चौकियामोड़। ये कहानी है नेक इरादे और मजबूत हौसले की। गांव की माटी की महक और ऊंचे सपनों में पंख लगे उड़ान की। जिले के सीयर ब्लाॅक क्षेत्र के छोटे से गांव सोनाडीह और टंगुनिया की, जो अब महिला फुटबाॅल खिलाड़ियों का हब बन रहा है। सोनाडीह और टंगुनिया गांव से अब तक 42 से अधिक महिला फुटबॉलर तैयार हो चुकी हैं। खास बात यह है कि इनमें से 18 से अधिक लड़कियां स्टेट, नेशनल और इंटरनेशल स्तर पर फुटबाल प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी हैं। टीम के लिए मेडल भी हासिल की हैं। 12 लड़कियां स्कूली नेशनल गेम्स में खेल का एक साथ हिस्सा बन इन दिनों आजमगढ़ मंडल की टीम प्रदेश में खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। यहां की बेटियां राज्य और देश ही नहीं बल्कि विश्वस्तर पर सफलता का डंका बजा रही हैं। जिले से लगभग 65 से 70 किलोमीटर दूर सोनाडीह और टंगुनिया गांव है। एक वक्त था जब यह गांव भागेश्वरी और परमेश्वरी धाम, अमर शहीद अतवारु राजभर के नाम से पहचान रखता था। बदले परिवेश में बालिका फुटबाॅल खिलाड़ी भी इसकी पहचान बना रही हैं। यहां की हवा में पसीने की महक है और पैरों में फुटबॉल का जुनून। यहां की 18 से अधिक महिला फुटबॉलर 40 से अधिक नेशनल गेम्स खेल चुकी हैं। इस क्रांति का बीज बोया है रामप्रकाश यादव जैसे निःस्वार्थ खेल प्रशिक्षक ने। वर्ष 2018 में जब सिर्फ 5-6 लड़कियां खेलने आईं। कौन जानता था कि यह चिंगारी एक मशाल बनेगी। 2018 में रखी स्कूल की छोटी, प्रीति, अंतिमा, निगम व आंचल ने साथियों के साथ मिलकर एक उबड़-खाबड़ स्कूल की जमीन को सपनों के मैदान में बदला। कोई शुल्क नहीं, बस समर्पण। सुबह-शाम ये लड़कियां बिना किसी फीस के पसीना बहाती। शुरुआत में हिचक थी। गांववालों के मन में सवाल थे। फिर आया साल 2022 जब सोनाडीह और टंगुनिया गांव की बेटियों ने पहली बार स्टेट चैंपियनशिप जीती। उस जीत ने गांव का नजरिया हमेशा के लिए बदल दिया। ग्रामीणों का कहना है इन लड़कियों ने सिर्फ मेडल नहीं जीते, इन्होंने समाज की सोच की बेड़ियां तोड़ी हैं। उनकी कोशिश है कि सरकार इस छोटे से फुटबॉल के स्कूली मैदान को अंतरराष्ट्रीय मैदान में बदलने में उनकी मदद करें।
इन खिलाड़ियों ने बनाई पहचान
स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल की जूनियर और सीनियर अंडर-18 बालिका फुटबाॅल खिलाड़ियों में प्रिया राजभर, निगम, आंचल, प्रीति, नेहा, सलोनी शर्मा, गीता, सलोनी, अंशिका, सुनैना, नीति, रिया, रजनी, श्वेता, मंजू, सुधा, चुलबुल, आराध्या 8 बार प्रदेश में चैम्पियन रही हैं। अब तक 40 से अधिक नेशनल फुटबाल गेम खेल चुकी हैं। विजेता और उपविजेता बन 14 बार टीम को मेडल दिला चुकी हैं। अंडर-17 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नेहा और गीता ने प्रदेश को दूसरा स्थान दिलाया है। अंडर-14 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में सुनैना और नीति ने प्रतिभाग कर प्रदेश को प्रथम स्थान पर लाया है। अंडर-17 सैफ गेम (अंतराष्ट्रीय) में प्रिया राजभर ने प्रतिभाग कर टीम को प्रथम स्थान दिलाया और टीम ने गोल्ड मेडल अर्जित किया। हाल के दिनों में आगरा में सम्पन्न हुई अंडर-17 बालिका स्टेट चैंपियनशिप में नेहा, सलोनी शर्मा, गीता, सलोनी, अंशिका, आकांक्षा यादव, सुधा, चुलबुल, किंजल, अंजली व अंजली सेकेंड ने प्रतिभाग कर प्रदेश टीम को प्रथम स्थान दिलवाया हैं। गाजीपुर जिले में आयोजित अंडर-14 और अंडर-17 की प्रदेशीय विद्यालयी स्टेट चैंपियनशिप में टीम को प्रथम स्थान दिला चुकी हैं।