बलिया/मझौवां। गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 57.615 को पार कर तेजी से मीडियम फ्लड लेवल 58.615 की ओर बढ़ रहा है। बुधवार की शाम 4 बजे जलस्तर 58.160 मीटर रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ ही 1 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। गंगा और सरयू की बाढ़ से जिले के 100 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने राष्ट्रीय राज्यमार्ग-31 के डेंजर जोन हुकुम छपरा 26.250 व रामगढ़ 27.500 पर बाढ़ व कटान रोकने के लिए हो रहे निर्माणाधीन स्पर व डैंपनर का निरीक्षण किया।
उधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी शहर के निचले इलाकों में फैलने लगा है। गायत्री काॅलोनी में पानी प्रवेश करने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। वहीं, माल्देपुर खाेरीपाकड़ गांव के सामने कटानरोधी कार्य पर गंगा ने दबाव बना दिया है।
उधर, डीएम ने निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा बाढ़ खंड के अभियंताओं को निर्देश दिया कि हमेशा अलर्ट मोड पर रहें।
कंट्रोल रूम बनाकर 24 घंटे दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाने के निर्देश : दयाछपरा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को तहसील बैरिया के ग्राम दुबेछपरा में बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। पूर्व में बने रिंग बंधे के बारे में जानकारी ली।
डीएम ने एसडीएम बैरिया को निर्देश दिए कि तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित कर 24 घंटे कर्मचारियों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाए। चक्की नौरंगा का निरीक्षण किया जाए और वहां पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगे। वहीं, डीएम ने ग्राम पंचायत गोपालपुर के साथ ही सुघर छपरा डेंजर पॉइंट 950 का निरीक्षण किया।
डेंजर पॉइंट कन्हई ब्रह्मस्थान के पास पहुंचकर बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा से कहा कि कटान रोकने के लिए अभी से कवायद में लग जाएं।