मझौवां। बैरिया तहसील में गंगा नदी के दक्षिण दिशा में स्थित चक्की नौरंगा गांव के कटान पीड़ितों ने सोमवार को प्राथमिक विद्यालय चक्की नौरंगा के प्रांगण में धरना-प्रदर्शन शुरू किया।
कटान पीड़ितों ने कहा कि कटान ने उनके गांव को संकट में डाला है। कटान से मुक्ति दिलाने के लिए अब तक प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में चक्की नौरंगा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां सैकड़ों मकान, मुख्य संपर्क मार्ग, बाजार और खेत गंगा की लहरों में समा गए है। कटान की समस्या के समाधान के लिए बाढ़ विभाग की तरफ से कोई ठोस योजना या कार्रवाई नहीं की गई है।
चेतावनी दी कि प्रशासन की तरफ से कोई बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया तो खुद ही अपने गांव को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं। इसके लिए श्रमदान करेंगे। कटान पीड़ित रवीन्द्र ठाकुर का कहना है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे और भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। गंगा का कटान प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस मौके पर संतोष ठाकुर, संजय, रवीन्द्र अखिलेश, विनोद ठाकुर, सुनील ठाकुर, उमा ठाकुर, उमरवती देवी, गीता देवी, लक्षमीनिया, भागीरथी आदि थीं।
घटाव के बाद भी सरयू खतरा निशान के ऊपर: बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम चल रहा है। नदी का पानी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, लेकिन जलस्तर में घटाव का सिलसिला शुरू हो जाने से बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार की शाम जलस्तर 64.29 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 28 सेंटीमीटर अधिक है।
नदी के तेवर नरम पड़ जाने से जलस्तर में घटाव का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान 16 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का अनुमान किया है। बाढ़ का खतरा फिलहाल टल जाने से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने राहत की अनुभूति की है।