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सुरहाताल से बैरिया तक बाढ़ जैसे हालात

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बैरिया संसार टोला बांध बने रेगुलेटर से हो रहा रिसाव से किसानों की डूबती फसलें - फोटो : BALLIA
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हल्दी। लगातार हुई बारिश के चलते हजारों एकड़ भूमि पर बरसात का पानी भर गया है। घरों में भी पानी घुस गया है। जलभराव से फसल बर्बाद हो गई है। इसके कारण किसानों के सामने पुन: खेतों की जुताई-बुआई करने का संकट पैदा हो गया है। वहीं दूसरी ओर सुरहाताल व शहर से पंपिगसेट लगाकर लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण किसानों पर दुबारा रुपये खर्चों की चिंता बढ़ गई है।
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नीरुपुर से दक्षिण गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण लोग परेशान थे, उससे भी ज्यादा परेशानी उत्तर बसे गांवों की हो गई है। तीन से चार किलोमीटर चौड़ाई में सुरहाताल का पानी बह रहा है, जो बैरिया से आगे घाघरा नदी में मिल रहा है। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण रामपुर, कछुआ, चंदवक, वरुणा, पुरास, मेघामठ, पिंडारी, पंडितपुरा, सीतकुंड, परसिया, सुल्तानपुर, बसुधरपाह, कठहीं, कृपालपुर, बबुआपुर, लाखपुर, मुढ़ाडीह, भरखोखा, बेलहरी, दुधैला आदि गांवों की हजारों एकड़ भूमि पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है। क्षेत्र में बरसात के पानी का जलजमाव हुआ तो पहले लोग समझे कि एक दो दिनों में यह पानी निकल जायेगा लेकिन पानी घटने की जगह दिनों-दिन बढ़ता चला गया। खेतों में मक्का, ज्वार, धान के साथ ही सैकड़ों एकड़ मरीचा, बैंगन, गोभी, बोरों आदि सब्जी की खेती पूरी तरह से तबाह हो गई है। खेतों में खड़ी मिर्ची में फूल निकल गए थे अब मिर्चा निकलने वाला था लेकिन उन खेतों दो से तीन फीट ऊंचाई तक जलभराव हो गया है। पानी निकलने के बाद किसानों को अब दुबारा खेत बोना पड़ेगा। आलम यह है कि नीरुपुर-बिगही मार्ग पर तीन जगह पानी ऊपर से बह रहा है तो वहीं कृपालपुर से बादिलपुर जाने वाली दो किलोमीटर लंबी सड़क पर डेढ़ किलोमीटर सड़क जल में डूबी हुई है। सड़क के ऊपर करीब तीन फीट तक जलभराव । क्षेत्र की सड़कें भी पानी में डूब गई हैं।

बैरिया संसार टोला बांध बने रेगुलेटर से हो रहा रिसाव ठीक करते मजदूर- फोटो : BALLIA

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