गंगा की बाढ़ और पानी में घिरे गांवों में अभी तक प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था नहीं हो पाई है। बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि दिन तो किसी तरह कट जा रहा है, लेकिन रात में जाग कर बाढ़ के पानी को निहार रहे हैं। गंगा का पानी जैसे ही मीडियम फलड लेवल को पार कर हाई फ्लड लेवल की ओर अग्रसर हुआ तो गंगा का पानी बंधे के दक्षिण दिशा में बसे गांव सदर तहसील के बादिलपुर, भरखोखा, जगछपरा, शुक्ल छपरा, धरमपुर, मझौवा, पोखरा, बघऊंच, मुडाडीह, बैरिया तहसील के चांद दियर, गोपाल नगर, इब्राहिमाबाद नौबरार, सुघर छपरा, दुबेछपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय के टोला, पांडेपुर, वंश गोपाल छपरा आदि गांवों के लोग घरों में दुबकने करने को विवश हो गए हैं।इन गांवों के लोग अपने बच्चों, माल मवेशियों को लेकर भी गांव में फंसे हुए हैं। दुबे छपरा निवासी सुनील कुमार, बद्री प्रसाद, गुड्डू प्रसाद, जगन्नाथ, छोटक, द्वारिका, शिवनाथ ठाकुर का कहना है कि प्रशासन की तरफ से ना तो नाव की ना ही मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था हुई है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार की सुबह 8:00 बजे 59.450 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही जलस्तर में प्रति घंटे दो सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है।
सरयू नदी में आई बाढ़ से गोपालनगर के अलावा शिवाल व वशिष्ठ नगर धूपनाथ के डेरा के लोग भी कटान से सहमे हुए हैं। कटान के कारण किसानों की 60 एकड़ भूमि सरयू नदी की मुख्यधारा में समाहित हो गई। चांददियर, फ़तेयराय के टोला, बकुलहा, अधिसीझुवा, चाईछपरा, बशिष्ठनगर, मानगढ़, शिवाल आदि गांव पानी में घिर गए हैं। टाड़ी बस्ती में रहने वाले छपित यादव, बरमेश्वर यादव, माधव यादव, हंस राज यादव, रविन्द्र यादव, हनुमत यादव, मुखराम यादव, कमलेश यादव आदि लोगों के मकान सरयू के पानी से घिर गए हैं। बाढ़ विभाग के अवर अभियंता रजनीकांत राय ने बताया कि मांझी में सरयू नदी का गेज 55.85 सेमी से बढ़कर 56.10 सेमी और चांददीयर में 58.22 सेमी से बढ़कर 58.54 सेमी दर्ज किया गया है। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि हर जगह नाव की व्यवस्था है, अगर गोपालनगर टाड़ी में आवश्यकता है तो उपलब्ध करा दिया जाएगा।
विकास खंड बैरिया में गंगा के उसपार नौरंगा ग्राम पंचायत व इसके अंतर्गत आने वाले पुरवे भगवानपुर, चक्की नौरंगा व उदईछपरा के डेरा के गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। ग्राम पंचायत की 20 हजार की आबादी घरों में कैद हो गई है। गांव के दशरथ ठाकुर, नागेंद्र चौधरी, अशोक ठाकुर, अरुण ठाकुर आदि ने बताया कि भगवानपुर गांव से सटे बिहार के जेवइनिया गांव में गंगा की लहरें लोगों के आशियानों को निगल रही हैं। बिहार का जेवइनिया गांव से सटा हुआ भगवानपुर गांव है। इसलिए इस गांव के लोग भी डरे हैं। नौरंगा के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि ग्राम पंचायत के तीन प्राथमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गैस एजेंसी सहित पूरा नौरंगा पानी में घिर गया है।
टोंस व मगई भी तबाही मचाने को आतुर
गंगा नदी में आई बाढ़ से टोंस व मगई नदी भी गड़हांचल में तबाही मचाने को आतुर दिखाई देने लगी है। बाढ़ के पानी से 2000 एकड़ में परवल, नेनुआ, भिंडी, बरबट्टी, खीरा, सतपुतिया, मक्का, धान की खेती को नुकसान पहुंचा है। इससे 156 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। शाहपुर, बभनौली कटान के मुहाने पर बसे लोग परेशान हो गए हैं।
अधिकारी बोले
गंगा, सरयू व टोंस नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर है। कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का कार्य चल रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लेखपालों को रात नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। -देवेंद्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी