नौरंगा में चल रहे कटान रोधी कार्य का निरीक्षण करते गोरखपुर से पहुंचे नाबार्ड के चीफ साथ में अन्
मझौवां। गंगा नदी के दक्षिणी तट नौरंगा भुआल छपरा में 35 करोड़ की लागत से संचालित कटानरोधी योजना का शुक्रवार की देर शाम नाबार्ड गोरखपुर के चीफ गोविंद चंद ने निरीक्षण किया।
उनके सामने ग्रामीणों ने बाढ़ विभाग पर कटानरोधी कार्यों को लेकर नाराजगी जताई। विरोध प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि गांव भविष्य में गंगा की कटान में समा जाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बाढ़ विभाग के अधिकारियों की होगी। इसी दौरान ग्रामीण और सहायक अभियंता श्रवण कुमार प्रियदर्शी के बीच तीखी बहस भी हुई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं हो करती है। आरोप लगाया कि पार्कोंपाइन संरचनाओं में निर्धारित रॉट ईंट के स्थान पर झाड़-झंखाड़ डालकर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
बाढ़ विभाग के जूनियर इंजीनियर अमर नाथ वर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट की लंबाई ढाई किलोमीटर है। शाम होने के कारण पूरे कार्यस्थल का निरीक्षण कर पाना संभव नहीं था। परियोजना स्थल पर विभाग के जूनियर इंजीनियर निगरानी कर रहे हैं। जहां 8 लेन में पार्कोंपाइन लगाया जाना था, वहां 12 लेन में लगाकर कार्य को और अधिक मजबूत किया गया है। कुछ लोग निराधार आरोप लगा रहे हैं।