फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुड़िकटवा स्थित शौर्य स्थल पर फहराया ध्वज, किया नमन

विज्ञापन
मुड़िकटवा स्थित शौर्य स्थल पर ध्वज फहरा कर नमन करते लोग। - फोटो : BALLIA
विज्ञापन
रेवती। नगर के पश्चिम कुशहर ग्राम सभा स्थित मुड़िकटवा के शौर्य स्थल पर अतुल कुमार पांडेय के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को कोरोना महामारी के चलते सादे कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर वीर ग्रामीणों की स्मृतियों को नमन किया गया।
विज्ञापन

बता दें कि ब्रिटिश सरकार की नीतियों के विरोध में 1857 में जगदीशपुर (बिहार) के बाबू कुंवर सिंह अपनी सेना लेकर ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूंकते हुए अपनी हवेली से निकल पड़े। विभिन्न अंग्रेज कैप्टनों के नेतृत्व में अंग्रेजी सैनिकों के साथ कुंवर सिंह की लड़ाई आरा, दुल्लौर, अतरौलिया, आजमगढ़ आदि में हुई। आगे-आगे कुंवर सिंह अपनी अल्प सैन्य टोली के साथ निकल रहे थे। उनके पीछे कैप्टन डगलस की सैन्य टुकड़ी पड़ी हुई थी। जब क्षेत्र के लोगों को इसकी भनक लगी तो आजादी के दीवाने बाबू कुंवर सिंह की मदद की योजना तैयार कर रेवती, गायघाट, त्रिकालपुर, सहतवार तथा अन्य गांवों के लोगों को बांस के नुकीले खप्चार तैयार किए और अन्य परंपरागत शस्त्रों से लैस होकर उस राह के अगल-बगल के कुश के झुरमुटों और अरहर के खेतों में छिप गए। कुंवर बाबू की सैन्य टोली आगे बढ़ी और जैसे ही अंग्रेज सैनिक गुजरने लगे ग्रामीणों ने छापेमार योद्धाओं की तरह उन पर टूट पड़े और एक-एक कर 106 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। तब से इस स्थान का नाम मुड़िकटवा पड़ गया। गुरुवार को 162वीं वर्षगांठ मनाते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर शौर्य स्थल को नमन किया गया। श्री पांडेय ने कहा कि वर्ष 2009 से मुड़िकटवा के शौर्य स्थल पर स्मारक बनाने का अभियान चल रहा है। कोरोना के कारण बाधा है लेकिन भविष्य में हम सब का सपना सकार होगा और इस स्थल की पहचान देश में कायम होगी। इस मौके पर मनोज वर्मा, राजकुमार गोंड, मनीष, सुरेश पासवान, वृंदा वर्मा, राम अवतार गिरी, मनीष वर्मा, सनोज यादव आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें