सदर कोतवाली के सहरसपाली में वर्ष 2008 में गांव के सोहन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में नक्सली गतिविधि का सुराग मिलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया था। पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। सघन चेकिंग अभियान चला, जिसमें कई घरों में हथियार, बम सहित अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ था। कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। नक्सल गतिविधियों से जुड़े कई परिवार पलायन कर गए थे।
इसके तीन वर्ष बाद 2012 में सहतवार थाना क्षेत्र के कुशहर गांव में पुलिस वर्दी में आए नक्सलियों द्वारा कुशहर गांव की प्रधान फूलमती देवी की हत्या कर दी गई थी। इसमें भी छोटे कहार आरोपी था। प्रधान हत्याकांड में आरोपी पूर्व कोटेदार कृष्ण कुमार की दो वर्ष बाद बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। कोटे की दुकान सस्पेंड होने से प्रधान से कृष्ण कुमार की अदावत थी। इसके पूर्व सहतवार थाने में नक्सली गतिविधि को लेकर पुलिस सतर्क रहती थी।
दोनों नक्सली हमले में हुई हत्याकांड का आरोपी छोटे को 15 वर्ष बाद नगरा थाने से पुलिस ने पिछले माह गिरफ्तार किया था। प्रकाश नाम का एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ था। वह तेलंगाना में नाम बदलकर रह रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना नगरा में आर्म्स एक्ट व कूटरचित दस्तावेज के आरोप में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने चालान कर दिया था।