बलिया। नाबालिग के अपहरण और पॉक्सो एक्ट से जुड़े आठ साल पुराने मामले में विशेष न्यायालय ने पांच दोषियों को 12-12 साल की सजा सुनाई है।
बाल न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), कोर्ट संख्या-8 ने वारदात के समय किशोर रहे अपचारी, जिसकी वर्तमान उम्र 24 वर्ष है, पर कुल 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
वहीं, चार अन्य दोषियों को 30-30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार, बांसडीह थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, आठ जुलाई 2018 को 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने का मामला सामने आया था।
इस मामले में चार अन्य आरोपियों पर अपहरण में सहयोग करने का आरोप था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
न्यायालय ने किशोर अपचारी को पॉक्सो अधिनियम के तहत 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड, अपहरण के मामले में पांच वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा किशोरी को भगाने के मामले में सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं, अन्य चार दोषियों को पॉक्सो अपराध में सहयोग के मामले में 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा अपहरण के मामले में पांच वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते मामले में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली।