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UP: नदी की नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग, कलेक्ट्रेट में पहुंचा मछुआरा समाज; कहा- पेट पर लात न मारा जाए

Fri, 02 Jan 2026 06:29 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: मछुआरों ने कहा जिन ठेकेदारों को नीलामी के तहत गंगा घाटों को सुपुर्द किया गया है, उनके द्वारा मछुआरों को पीटा जा रहा है। मछुआरों के जाल और मछलियां छीनकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। नतीजन लाखों मछुआरे जीवन के विकट परिस्थिति से गुजर रहे हैं।
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कलेक्ट्रेट में धरना देते मछुआरा समाज के लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: गंगा की नीलामी के विरोध में मछुआरा समाज के लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान मछुआरा समाज के लोगों ने हनुमान चालीसा पढ़ा तो वहीं महिलाओं ने मां गंगा को समर्पित गीत गाकर नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। इस दौरान मछुआरा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।

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विगत कई माह से गंगा नदी के नीलामी की मांग को लेकर मछुआरों का विरोध जारी है, लेकिन प्रशासन व शासन स्तर से कोई राहत नही मिलता देख मछुआरा समाज के लोगों ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष शुभनारायन उर्फ सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ कर प्रदर्शन किया।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि लगभग दो दशक पूर्व सपा सरकार में भी जनपद के गंगा घाटों की नीलामी की गई थी। जिसका विरोध कर उस समय हुए नीलामी को खत्म करा दिया गया था और आज फिर मां गंगा की नीलामी कर मछुआरों के पेट पर लात मारा जा रहा है।

जताई नाराजगी

मछुआरों के मुंह से निवाला छीना जा रहा है। कहा कि इन मछुआरों के पास न तो खेत है और न कोई रोजगार का अन्य साधन है। इन लोगों के जीविकोपार्जन का मुख्य स्रोत गंगा से मछली पकड़ना और उसे बाज़ार में बेचकर अपनी जीविका चलाना है। इसे जिला प्रशासन द्वारा नीलामी किया जा रहा है। कहा कि इस देश में गंगा, गाय और गीता को पवित्र माना जाता है तो फिर मां गंगा की नीलामी यहां के अधिकारी कैसे कर सकते हैं।

उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि यहां के अधिकारी भाजपा सरकार को बदनाम करना चाहते हैं, कई बार मछुआरों ने डीएम से गुहार लगाई लेकिन न तो इनकी सुनी जा रही है, न ही इनकी पीड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों को सपा मानसिकता का बताया।
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कैबिनेट मंत्री ने दिया था आश्वासन

सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मछुआरे हमारे भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद से भी मिलने गए थे, जिनके द्वारा आश्वासन दिया गया की गंगा की नीलामी नहीं होगी। इसके बाद भी जिला प्रशासन ने गंगा की नीलामी कर दी। मंत्री संजय निषाद पर भी हमला करते हुए कहा कि अगर वह चाहते तो यह नीलामी तुरंत रूक सकती है, लेकिन शायद वह भी चाहते हैं कि मां गंगा की नीलामी की जाए।

कहा कि यदि गंगा की नीलामी नहीं रोकी गई तो मैं मछुआरा समाज के 51 युवाओं को साथ लेकर पैदल मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे और मांग करेंगे की जिल के सभी तानाशाह अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए और मां गंगा की नीलामी को रोका जाए।

मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट से बच्चों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि ठेकेदार हमें मछली मारने नहीं देते हैं, जिसके कारण हमारे घर में खाने को लाले पड़ गए हैं। हमारे स्कूल की फीस नहीं जमा हो पा रही हैं। वहीं, एक महिला अपनी पीड़ा बताते-बताते रोते हुए बोली कि ना तो मंत्री संजय निषाद हमारी पीड़ा सुनने को तैयार हैं, ना ही यहां के अधिकारी, हम जाएं तो जाएं कहा।
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