दयाछपरा गांव में अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस टीम के सामने ही महिलाओं द्वारा फूंका गया मड़हा।
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दयाछपरा। बैरिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत दयाछपरा में वर्षों से भूमिधरी जमीन पर कब्जा जमाए लोगों को रविवार को पुलिस ने खदेड़ा तो एक महिला ने अपने ही मड़हे में आग लगा दी। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उधर, महिला ने पुलिस पर मोबाइल और जेवर छीनने का आरोप लगाया। पुलिस ने एसडीएम बैरिया प्रशांत नायक की मौजूदगी में कब्जा हटाना शुरू किया। तभी आशियाना उजड़ता देख परिवार की महिलाओं ने दबाव बनाने के लिए अपने मड़हों में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस और अवैध कब्जेदारों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने लोगों की मदद से आग पर काबू पाया और उपद्रवी महिला को हिरासत में ले लिया। महिला ने पुलिस पर मोबाइल और जेवर छीनने का आरोप लगाया और बेहोश होने का स्वांग करने लगी। पुलिस ने उसे सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया। वहां उपचार के बाद उसे थाने भेज दिया गया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी बैरिया राजेश कुमार तिवारी समेत एसएचओ बैरिया संजय त्रिपाठी, एसओ हल्दी सतेंद्र राय, उपनिरीक्षक रेवती माया शंकर दुबे, एसओ दोकटी सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
दयाछपरा से सटे हरछपरा निवासी स्व. श्याम सुंदर उपाध्याय के परिवारजनों ने अपने नंबर की जमीन के कुछ भागों में काशी गोड़ व स्व. गौरीशंकर यादव के परिवारों को बसाया था। कालांतर में परिवार बढ़ने के साथ उपाध्याय परिवार की बची जमीन पर इन लोगों ने कब्जा करना शुरू किया। इसका स्व. उपाध्याय के पोते अंशुमान उपाध्याय ऊर्फ बाबू ने विरोध किया। मुद्दे को लेकर कई बार पंचायत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। निराश होकर बाबू उपाध्याय ने उपजिलाधिकारी बैरिया के यहां गुहार लगाई थी।