फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चित्तू पांडेय ने की थी स्वंत्रता आंदोलन की अगुवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। शेरे बलिया चित्तू पांडेय की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गय। वक्ताओं ने कहा कि 1942 के स्वतंत्रता आंदोलन की उन्होंने अगुवाई की थी। स्मारक समिति के तत्वावधान में रविवार को चित्तू पांडेय चौराहा स्थित उनके प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि सभा हुई। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. रामविचार पांडेय ने कहा कि 1942 के स्वतंत्रता आंदोलन की अगुवाई चित्तू पांडेय ने की और पूरा जनपद इस आंदोलन में कूद पड़ा। इस दौरान दौरान चित्तू पांडेय ने 14 दिन के शासनाध्यक्ष के रूप में कार्य भी किया। इसके बाद अंग्रेजी सेना ने पुन: बलिया जनपद पर अपना कब्जा जमा लिया। कार्यक्रम में सत्यप्रकाश उपाध्याय, दीना भाई, चिराग उपाध्याय, उमाशंकर पाठक, सचितानंद तिवारी, रामजी गुप्ता, चुड़ामणि, पीएन शुक्ला, रमाशंकर तिवारी, डा. संतोष गुप्त, डॉ. जलेश्वर सिंह, हरिकेंद्र सिंह, रूपेश चौबे, संतोष शुक्ला, अंजनी चौबे, सर्वेश तिवारी, गौरव पाठक मौजूद थे। अध्यक्षता द्विजेंद्र मिश्र तथा संचालन विनय पांडेय ने किया।सागरपाली : कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में चित्तू पांडेय को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। मुख्य राष्ट्रीय सचिव बाजीराव खड़े एवं विशिष्ट अतिथि मोहम्मद इमरान खान ने कहा कि चित्तू पांडेय ने बलिया का नाम रोशन कर दिया। इस दौरान में दिग्विजय सिंह, कमलेश सिंह, राघवेंद्र सिंह, सच्चिदानंद तिवारी,रविंद्र नाथ पांडेय ,धर्मेंद्र सिंह, बंगाली सिंह, भैया राजेश सिंह, रुपेश चौबे, विवेक ओझा, रामकुमार कुंवर, मुकेश सिंह, देव यादव, सत्य प्रकाश सिंह, धीरेंद्र ओझा, बंटी मिश्रा, हर्षित दूबे, देवेश तिवारी, सर्वेश तिवारी, आशीष तिवारी आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें