बलिया। शहर कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर सोमवार की रात राजेश कुमार सिंह, सुरेश कुमार सिंह निवासी भृगु आश्रम, थाना कोतवाली तथा मनोज कुमार सिंह निवासी मिश्र नेउरी, थाना कोतवाली के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई छोटकी मठिया के महंथ सत्यदेव दास चेला महावीर दास श्रीराम जानकी, लक्ष्मण मंदिर (छोटकी मठिया) मिश्र नेउरी कदम चौराहा थाना कोतवाली के आवेदन पर कोर्ट के आदेश पर किया है।
महंथ सत्यदेव दास का कहना है कि उनके गुरु स्वर्गीय महावीर दास को मंदिर की चल अचल संपत्ति की वसीयत 4 जून 1992 को तत्कालीन महंथ श्रीराम प्रसाद दास द्वारा की गई थी। वसीयत के पैरा 5 में श्रीराम प्रसाद दास की तरफ से महावीर दास पर पाबंदी लगाई गई थी कि महावीर दास इस संपत्ति को न तो बेच सकते हैं न हस्तांतरण कर सकते हैं, न उस पर किसी प्रकार का भार पैदा कर सकते हैं, न वसीयत की मूल भावना के खिलाफ कोई कार्य कर सकते हैं।
आरोप है कि मंदिर की चल व अचल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए राजेश कुमार सिंह निवासी नागाजी मठ गली भृगु आश्रम ने कूटरचित नोटरी वसीयतनामा 31 मार्च 2021 को तैयार कराया। गवाह के रूप में अपने भाई सुरेश कुमार सिंह तथा मनोज कुमार सिंह निवासी मिश्र नेउरी थाना कोतवाली को साजिश में शामिल करके हस्ताक्षर करवाया।
मंदिर की चल व अचल संपत्ति का तनहा मालिक व काबिज होने के लिए इस नोटरी वसीयतनामा का असली के रूप में उपयोग करते हुए न्यायालय सिविल जज (जूडि) पूर्वी, बलिया के न्यायालय में मुकदमा संख्या 1791/2021 राजेश कुमार सिंह बनाम सुरेश कुमार सिंह में दाखिल कर दिया।
मुकदमा में वादी व प्रतिवादी सहोदर भाई हैं। मुकदमे में मैंने और स्थानीय भक्तों ने अपना पक्ष रखने के लिए प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद वादी मुकदमा राजेश कुमार सिंह ने मुकदमा वापस ले लिया।
इस प्रकार राजेश कुमार सिंह, सुरेश कुमार सिंह व मनोज कुमार सिंह ने फर्जी वसीयतनामा तैयार करने व उसका असली के रूप में उपयोग करने का अपराध किया। सदर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।