तुर्तीपार स्थित सरयू नदी पर निर्माणाधीन पुल का पीलर।संवाद
बलिय। तुर्तीपार पुल के पास मधुबनी गांव में बुधवार सुबह निर्माणाधीन पुल के पिलर के लिए बने सरिए का ढांचा गिरने से दबकर दो मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। कार्यदायी संस्था आरएनसी इंफ्रा इंजिनियर्स, साइट इंजीनियर और हाइड्रा चालक संजय परिहार पर उभांव थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानक व लापरवाही को हादसे का कारण मानते हुए एनएचआई के परियोजना निदेशक मो. नसरूल्लाह खान की लिखित तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी की पुष्टि करते हुए बेल्थरारोड एसडीएम शरद चौधरी ने बताया कि हादसे को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। जांच के बाद अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई संभव है।
तुर्तीपार निर्माणाधीन पुल के पिलर का सरिया बांधते समय ढांचा गिर गया था। पप्पू (30) और अमित (30) निवासी लखीमपुर खीरी की मौत हो गई थी। जबकि जुगल (27) निवासी पीलीभीत गंभीर रूप से घायल हो गया। एक अन्य मजदूर को मामूली चोटें आई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने मृतक मजदूरों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है।
घटना लापरवाही व घटिया निर्माण को करती उजागर
सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर ने एनएच 727 बी नवलपुर से सिंकंदरपुर तक चल रहे सड़क निर्माण के कार्य तहत सरयू नदी पर निर्मित पुल के पिलर का ढांचा गिरने व उसमें दबकर मजदूरों की मौत की घटना पर दुख प्रकट किया। कहा कि यह घटना घोर लापरवाही एवं घटिया निर्माण को उजागर करती हैं। घटिया निमार्ण को लेकर पूर्व में शिकायत भी कर चुका हूं। एक माह पूर्व इसी तरह की घटना मुजौना गांव के सामने घटित हुई। जिसमें चार मजदूर घायल हो गए थे। इस घटना को लेकर प्रशासन सचेत रहा होता तो दो मजदूरों को जान न गंवानी नहीं पड़ती। उन्होंने मांग किया कि मृतक के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाय। इस घटना एवं घटिया निर्माण को लेकर सोमवार को सड़क मंत्री से मिलकर अपनी बात रखूंगा।