हनुमानगंज क्षेत्र के एक निजी नर्सिंग होम में प्रसुता की मौत के बाद नर्सिंग होम के बंद पड़े ताला
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बलिया। अपूर्वा अस्पताल में अस्पताल के दौरान अनीशा की मौत के मामले में डॉक्टर मुखर हो गए हैं। आईएमए व बलिया नर्सिंग होम एसोसिएशन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। बृहस्पतिवार को आईएमए व बलिया नर्सिंग होम एसोसिएशन की संयुक्त प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष डॉक्टर डी राय ने कहा कि सरकार के मानक को पूरा करते हुए निजी अस्पतालों का पंजीकरण हुआ है। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक को लगा कि मरीज की जान बचाने के लिए ओपन सर्जरी जरूरी है तो वह जीवन बचाने के लिए कर सकता है न कि हत्या की कोई साजिश की गई।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक की लापरवाही हो सकती है, लेकिन चिकित्सक उसकी हत्या नहीं कर सकता है। पुलिस ने हत्या की धारा गलत तरीके से लगाई है। जबकि कुछ दिन पहले एक अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता व दो नवजात बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने जमानती धारा लगाई थी। आखिर ऐसे ही केस में कोतवाली पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धारा क्यों लगा दी। जिसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। डाॅक्टर डी राय ने कहा कि हमारे संगठन में 35 चिकित्सक हैं, किसी भी पदाधिकारी का शोषण होगा तो संगठन उसकी लड़ाई लड़ेगा।