बलिया। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी भारत बंद की घोषणा के तहत शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इसके पूर्व, किसानों का जत्था चौक स्थित शहीद पार्क पहुंचा, जहां से जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी परिसर पहुंचा।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसान कृषि कानूनों की वापसी को लेकर करीब चार महीने से दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार किसान आंदोलन को तोड़ने का कुचक्र रच रही है लेकिन जनता इनकी चाल समझ गई है और अब इनके मंत्रियों और सांसदों का सामाजिक बहिष्कार करते हुए उन्हें गांवों में घुसने से भी रोक रहे हैं।
कहा कि सरकार पूंजीपतियों की मिलीभगत से आम आदमी की रोटी तिजोरी में बंद करना चाह रही है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए हर संभव कुर्बानी दी जाएगी। कहा कि विश्व के हंगर इंडेक्स में भारत सबसे निचले पायदान पर खड़ा है। कल कारखाने बंद हो रहे हैं। मजदूरों की नौकरियां छीनी जा रही है। शिक्षा और चिकित्सा को चौपट कर सरकार ने संविधान को खतरे में डाल दिया है। इतना ही नहीं, विरोध करने वालों पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करा रही है।
धरना देने वालों में रविंद्र सिंह, मुनीब, अशोक कुमार पांडेय, शैलेंद्र, बलवंत यादव, संतोष कुमार सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, कृष्णदेव सिंह, सत्यनारायण, शिवाजी, मकरध्वज, रघुवंश उपाध्याय, परमात्मा नंद राय, ममता, अवधनारायन सिंह, डॉ. बैजनाथ, रामकृष्ण यादव, प्रवेश कुमार सिंह, नितिश कुमार, जनार्दन सिंह अवधेश कुमार वर्मा आदि रहे। अध्यक्षता अवधेश कुमार वर्मा व संचालन जनार्दन सिंह ने किया।
भारत बंद का कहीं नहीं दिखा असर
नवानगर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद का असर नगर और सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र में नहीं रहा। शुक्रवार की सुबह संयुक्त किसान मोर्चा और भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने सिकंदरपुर बस स्टेशन चौराहे पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जिन्हें प्रशासन ने हिरासत में लेकर थाने पर भेजवा दिया। इसके बाद, पूरा बस स्टेशन चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।