बलिया। कृषि ऋण के एवज में कृषकों की भूमि बैंकों द्वारा बंधक रखने तथा ऋणी कृषकों के खतौनी में बैंक का नाम अंकित किए जाने पर किसानों के खाते से की गई धनराशि कटौती की वापसी की मांग को लेकर सोमवार को भाकपा (माले) एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इसमें उल्लेख किया गया है कि एक लाख 60 हजार तक कृषि ऋण लिए कृषकों की भूमि जो बैंकों द्वारा नियम विरुद्ध बंधक करा ली गई है, उनकी खतौनी से बैंक का दर्ज नाम हटाया जाए तथा कृषकों की खतौनी में बैंक के पक्ष में बंधक करवाने के एवज में बैंकों द्वारा कृषकों के खाते से की गई धनराशि कटौती को वापस किया जाए। किसानों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। माले नेता लक्ष्मण यादव ने कहा कि जन सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार 1.60 लाख तक का कृषि ऋण बिना किसी बंधक के देने का प्रावधान है। इसके बावजूद कृषि ऋण लेने वाले कृषकों की भूमि जो 15 से 20 लाख तक की है, उसे बैंकों ने 20 हजार से लेकर एक लाख तक के कृषि ऋण लेने वाले का बैंकों ने बंधक रख लिया है। इस मौके पर राधेश्याम चौहान, शिवविलास साह, अवध नारायण सिंह, जनार्दन सिंह, जयराम चैहान, मो. यूसुफ, रामप्रवेश शर्मा, रामदयाल यादव, नागेंद्र प्रसाद, कन्हैया लाल गोंड, अनिरुद्ध प्रसाद, उमाशंकर चौधरी, खैरूल बसर, राजकुमार राय, राजेश गोंड, विनय खरवार, रमेश बिंद, संतोषी तुरहा, सुरेश गोंड, अलगू प्रसाद, कन्हैया गोंड आदि रहे।