चौकिया मोड़। समाज को आगे बढ़ना है तो बेटा एवं बेटी को एक समान शिक्षा देना जरूरी है। बेटियों की शिक्षा बेटों की अपेक्षा कम शिक्षा नहीं देनी चाहिए, क्योंकि बेटियां एक नहीं, बल्कि दो परिवार को सजाने एवं संवारने का काम करती हैं। यदि समाज को आगे बढ़ाना है तो बेटा-बेटी को शिक्षा में पारंगत कर देंगे तो यही श्रावस्ती सम्राट सुहेलदेव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
यह उद्गार क्षेत्र के करनी गांव में श्रावस्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव की मूर्ति स्थापना के लिए भूमि पूजन के मौके पर सोमवार को बतौर मुख्य अतिथि बसपा संसदीय दल के कार्यालय सचिव अनिल राजभर ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी समाज की समीक्षा करती है। यदि समाज में शिक्षा रूपी बीज का रोपड़ कर दिया जाए तो समाज स्वत: विकास की मुख्य धारा से जुड़ जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैरिया के पूर्व विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा कि समाज में संत महापुरुषों की गाथा अमर है। उन्होंने कहा कि सम्राट सुहेलदेव युग पुरुष के रूप में उनकी एक प्रसिद्धि है। उन्होंने विदेशी आक्रांता के विरुद्ध कड़ा मुकाबला करते हुए उन्हें परास्त किया। इस मौके पर समर बहादुर राजभर, धर्मेंद्र सिंह, जनार्दन सिंह यादव, बृजेश राजभर, राजेंद्र राजभर, लालबचन राजभर, मधुसूदन सिंह, मिथिलेश राजभर, विनोद, बाल किशुन राजभर, सतीश, शशि प्रकाश चौरसिया, कृष्णा राजभर, सखीचंद राजभर, प्रवीण कुमार आदि रहे।