बलिया। प्रदेश सरकार सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। सहकारी समितियों और जिला सहकारी बैंकों को आधुनिक बनाया जा रहा। इससे किसानों को समय पर ऋण, खाद-बीज और अन्य आवश्यक सेवाएं मिलेंगी।
ये बातें शुक्रवार को सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने जिला सहकारी बैंक की 46वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में कहीं। उन्होंने कहा कि सहकारिता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। सरकार पारदर्शी और जवाबदेह सहकारिता व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को तकनीकी रूप से सुदृढ़ कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है। इससे अधिक किसानों को लाभ मिल सकेगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला है। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विनोद शंकर दूबे ने कहा कि बैंक ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी कार्यप्रणाली से इस वित्तीय वर्ष में लगभग दो करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है।
बैंक किसानों और खाताधारकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। अब सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा।
बैंक के सचिव महेंद्र प्रताप सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे प्रतिनिधिसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया।
इस मौके पर रविशंकर सिंह ‘पप्पू’, केतकी सिंह, उपेंद्र तिवारी, रविंद्र कुशवाहा, आनंद स्वरूप शुक्ला, विनोद शंकर दूबे, संजय यादव एवं धनंजय कन्नौजिया सहित अन्य ने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद शंकर दूबे ने और संचालन अरविंद शुक्ला ने किया।