बलिया। कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों के परिजनों को राहत देने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। सरकार की ओर से कोविड-19 से मरने वाले ऐसे लोग जिनके पास भूमि नहीं है, पात्र पर होने पर उन्हें भूमि आवंटन और आवास देने का फैसला लिया गया है। साथ ही ऐसे लोगों के वरासत का कार्य भी अभियान चलाकर करने के निर्देश दिए गए हैं। लेखपालों के माध्यम से ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण ने इस बार शहर से लेकर गांव तक काफी तबाही मचाई थी। संक्रमण के कारण कई लोगों की अपनी जान गंवानी पड़ी थी। हालत यह थे श्मशान घाटों पर लोगों को शव जलाने के लिए भी लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा था। कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों को मुआवजे की मांग को लेकर आवाज बुलंद की जा चुकी है। राज्य सरकार के इंकार करने के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। यहां कोर्ट ने भी मुआवजा देने के लिए सहमति जताई थी। हालांकि सरकार की ओर से अभी इस दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
इस बीच शासन की ओर से कोविड-19 से मरने वाले ऐसे लोग जिनके पास भूमि और आवास नहीं है, उन्हें राहत देने का फैसला लिया गया है। शासन से जारी गाइडलाइन के अनुसार कोविड-19 से मरने वालों के परिवार को राहत प्रदान करने के लिए अभियान चलाकर ऐसे परिवारों का वरासत करने का निर्देश दिया गया है। जिन आश्रितों के पास भूमि नहीं है और वह पात्रता की श्रेणी में आते हैं तो उन्हें पट्टे पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। आवासहीन है और पात्र हैं तो संबंधित विभाग की ओर से उन्हें आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा। उक्त योजनाओं का लाभ देने के लिए लोगों को चिह्नित करने का कार्य लेखपालों को सौंपा गया है।
शासन से गाइडलाइन मिली है। उसके अनुसार पात्रों को चिह्नित कराया जा रहा है। चिह्नित लोगों को पात्रता के आधार पर लाभ दिलाया जाएगा। - विवेक कुमार श्रीवास्तव, सीआरओ