चिलकहर। विकासखंड के दो गांव में जांच करने पहुंचे कृषि उपनिदेशक इंद्राज ने एक गांव में विकास कार्यों की जांच में सात लाख के फर्जी भुगतान का मामला प्रकाश में आया है। शौचालय की जांच में करीब 40 लाभार्थियों के खातों में पैसा भेजने के बाद भी मौके पर शौचालय नहीं बना पाया गया। लाभार्थियों के खाते का स्टेटमेंट मांगा गया है। सचिव को तलब भी किया गया है। जांच के बाद गांव में हड़कंप की स्थिति मची हुई है।
क्षेत्र के वीरा भाटी गांव में शौचालय की जांच करने पहुंचे कृषि उपनिदेशक इंद्राज ने जांच के दौरान पाया कि 40 लाभार्थियों के खातों में पैसा भेजने के बाद भी मौके पर शौचालय नहीं बना था। लाभार्थियों का आरोप था कि प्रधान द्वारा मात्र 2000 रुपये हमलोगों को दिया गया है। बाकी पैसा ग्राम प्रधान ले लिए हैं। इस पर कृषि उपनिदेशक ने सचिव से खातों का स्टेटमेंट के साथ तलब किया है। इसारी गांव में 18 बिंदुओं पर जांच करने पहुंचे उप कृषि निदेशक ने मात्र छह बिंदुओं पर ही जांच की। सचिव की ओर से शेष कागजात नहीं दिए गए। छह बिंदुओं पर जांच में सात लाख से अधिक का फर्जी भुगतान का मामला प्रकाश में आया है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। जांच के बाद गांव में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।