बलिया। जिले में नकली खाद बीज को लेकर किसान परेशान हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से इसको लेकर जांच पड़ताल शुरू की गई है, लेकिन अभी तक खास सफलता नहीं मिल सकी है। बताया जाता है कि इन कारोबारियों के तार कृषि विभाग तक जुड़ा है जहां से अधिकारियों के कार्रवाई की भनक मिल जाती है।
तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में नकली खाद-बीज के कारोबार पर लगाम नहीं लग सका है। इसके चलते किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है। किसानों की मानें तो अधिक कमाई की लालच में खासकर नकली डीएपी बाजारों में उतारा जाता है और असली बताकर महंगे दामों पर बेचा जाता है। जिले के बांसडीह, बैरिया, सिवन टोला आदि स्थान इस गोरखधंधा के लिए कुख्यात हो चुके हैं जो नकली डीएपी को जिले के बाजारों के साथ ही बड़े पैमाने पर बिहार में खपाने का काम करते हैं। यह भी बताया जाता है कि इन नकली खाद कारोबारियों के पास बड़े गोदाम भी हैं। आसपास के लोगों का मानना है कि इन कारोबारियों के तार कृषि विभाग से जुड़े रहते हैं और किसी तरह की कार्रवाई की भनक इन्हें लग जाती है और सतर्क हो जाते हैं। हालांकि इस तरह की बात सामने आने पर सोमवार को कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम ने पूरे दिन छानबीन की और पांच दुकानों से सैंपलिंग भी की। लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। इस बाबत जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि सैंपलिंग की गई है और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामला स्पष्ट होगा। बताया कि नकली उर्वरक के मामले पर नजर है और समय-समय पर कार्रवाई भी की जा रही है।