कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गंगा महाआरती करते काशी से आए पंडित।
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बलिया। कार्तिक पूर्णिमा के पूर्व संध्या पर नगर पालिका परिषद द्वारा शिवरामपुर गंगा घाट पर गंगा-तमसा के तट पर गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। जिसे वाराणसी के विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्राच्चार के साथ गंगा महाआरती की गई। महाआरती के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी, राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला तथा विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ समेत एएसपी संजय कुमार ने गंगा पूजन के बाद आरती की। इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए नगर के अलावा गैर जनपद के लोग गंगा तट पर सोमवार की शाम पहुंच गए थे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हजारों दीप जलाए। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि आसमान से गंगा तट पर तारे उतर आए हो। वहीं गंगा-तमसा तट पर महिला व पुरुषों ने गंगा की धारा को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे का उद्घोष किया। तत्पश्चात स्नान की सिलसिला आधी रात के बाद शुरू हो गया। स्नान के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किया हुआ था। आधी रात से शुरू हुए कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दौरान लोगों ने पवित्र गंगा और तमसा में डुबकी लगाई और पुण्य के भागीदार बनें। स्नान के दौरान पानी में नाव पर एनडीआरएफ की टीम चक्रमण करती रही। उधर, शिवरामपुर गंगा तट पर भाजपा नेता साकेत सिंह सोनू द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से बढ़कर गीत व मनमोहक झांकिया प्रस्तुति कर दर्शकों का मनमोह लिया। इस मौके पर एडीएम राम आसरे, एएसपी संजय कुमार, सीओ सिटी एके सिंह, सीओ ईओ डीके विश्वकर्मा, चेयरमैन अजय कुमार, अशोक कुमार सिंह, कोतवाल विपिन सिंह सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
जिले व गैर जिले की पुलिस रही मुश्तैद : बलिया। भृगु मुनि के शिष्य दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाले ऐतिहासिक ददरी मेला तथा कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर 16 सेक्टर और सात जोन में विभाजित किया गया था। जिसमें 16 मजिस्ट्रेट व 16 सेक्टर पुलिस अधिकारी तैनात रहे। इसके अलावा पीएसी, एनडीआरएफ व अश्वरोही घोड़ों के साथ ही जनपद के अलावा वाराणसी, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही जिले की पुलिस व अधिकारी अपने-अपने प्वाइंट पर तैनात रहे।
कीनाराम घाट रहा प्रतिबंधित : बलिया। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दौरान जिला प्रशासन द्वारा गहरा पानी व ढाई होने के कारण कीनाराम घाट पर स्नान पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। वहां जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर होर्डिंग लगा दिया गया था।
पांच स्थानों पर लगे थे बैरियर : बलिया। कार्तिक पूर्णिमा स्नान में श्रद्धालुओं की होने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने नगर के बाहर पांच स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। जिसमें राजधानी रोड पर माल्देपुर, बैरिया रोड पर कदम चौराहा, बांसडीह पर तिखमपुर, सिकंदरपुर रोड पर बहादुरपुर, गड़वार रोड पर पौहाड़ीपुर में बैरियर लगाए गए थे। जहां वाहन चालक सवारी उतारने व चढ़ाने का काम करते रहे। प्रत्येक बैरियर पर पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी मुश्तैद रहे।
एनसीसी व विभिन्न संस्थाओं ने श्रद्धालुओं की सेवा की : बलिया। नगर से लेकर शिवरामपुर घाट तक जिले की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं एनसीसी के जवानों ने जगह-जगह पंडाल लगाकर श्रद्घालुओं के लिए चाय, पानी, बिस्किट, भोजन, दवा आदि की व्यवस्था किया था। इसके अलावा जगह-जगह ध्वनि यंत्र से श्रद्धालुओं की सहायता भी किया जा रहा था।