बलिया। नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद आबकारी विभाग के आबकारी आयुक्त आजमगढ़ ने विभागीय बीट के सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि प्रकरण की छानबीन की जा रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सहरसपाली गांव में लंबे समय से नकली शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। इसकी जानकारी न तो पुलिस को थी और न ही आबकारी विभाग को। यह जानकारी मुखबिर के जरिए एसपी विपिन ताड़ा तक पहुंची। इसके बाद गत 29 जून को एसपी ने अमृतपाली गांव स्थित बीयर की दुकान के पीछे रखे 14 ड्रम स्प्रिट बरामद करने के साथ ही सेल्समैन जलालपुर निवासी दीपक पासी, अमृतपाली निवासी मनोज चौरसिया, आर्य समाज रोड निवासी सतीश वर्मा और सुखपुरा थाना क्षेत्र के मिड्ढ़ा अमवां निवासी आदित्य गोंड को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ करने के बाद पुलिस सहरसपाली गांव में पहुंची, जहां पर नकली शराब बनाने का कारखाना चल रहा था। पुलिस ने वहां से छह ड्रम स्प्रिट, 51 पेटी अपमिश्रित शराब, 56 पेटी होम्योपैथिक केमिकल, छह जार में 120 लीटर केमिकल, प्लास्टिक की शीशी, दो बंडल रैपर और एक पैकेट ढक्कन आदि बरामद किया था। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। इस मामले में उप आबकारी आयुक्त आजमगढ़ एलबी मिश्र ने आबकारी विभाग के बीट के सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि यह कार्रवाई लापरवाही के आरोप में की गई है।