बलिया। सोशल मीडिया पर दोस्ती व प्यार की चाहत में बेटियों के घर की दहलीज पार करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। स्थिति यह है कि हर माह करीब 40 बेटियां अपने मां-पिता और परिवार को छोड़कर बहकावे में आकर प्रेमी के साथ चली जा रही हैं। जनवरी से अब तक 497 से ज्यादा किशोरियां प्रेमी के बहकावे में आकर अपनों को छोड़ घर की दहलीज पार कर की हैं। पुलिस ने 384 लड़कियों को मुक्त कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
जनपद में इस तरह की घटनाएं पिछले तीन साल में ज्यादा बढ़ गई हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो तीन साल के दौरान करीब 1239 बेटियों ने अपना घर छोड़ा है। हालांकि इनमें से 1184 मामलों में पुलिस ने घर छोड़कर गई लड़कियों को पकड़कर परिजनों के हवाले भी किया है। सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद किशोरियां बातों व दिखावा से आकर्षित होकर सुनहरे भविष्य की खोज में निकल पड़ती हैं लेकिन अंतत: उन्हें धोखा मिल रहा है और अपना भविष्य बर्बाद कर रही हैं। वे असामाजिक तत्वों के चंगुल में फंस रही हैं। जिन पर पुलिस की नजर पड़ जाती है वे संकट से बच जाती हैं। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि करीब एक साल में स्टेशन बस स्टैंड के आसपास 50 से ज्यादा किशोरियां भटकती मिलीं। पुलिस ने उन्हें बाल कल्याण समिति में पेश किया फिर उन्हें परिजनों के पास भेजा गया। आकड़ों पर गौर करें तो 14 से 17 साल तक की लड़कियां ज्यादा भटकाव की ओर हैं।
एकल परिवार में बेटियों को नहीं मिल रही सीख
जिला अस्पताल में नैदानिक मनो वैज्ञानिक बिंदू कुमारी ने बताया कि पूर्व में बच्चे संयुक्त परिवार में रहते थे। उन्हे संस्कार के साथ परिवार व सामाजिक प्रतिष्ठा का ध्यान रहता था। अब अधिकांश एकल परिवार हैं। इसमें दादी, चाची व भाभी की सीख नहीं मिल रही है। लड़कियां खुद को अकेला महसूस करती है, इसमें कोई प्यार से बहकाता है तो तुरंत उसके झांसे में आ जाती है। आधुनिकता की चमक दमक व सोशल मीडिया भी किशोरियों को भटका रहा है। उन्हें परिवार में अपनापन व वक्त मिलेगा तो वे ऐसा कदम नहीं उठाएंंगीं।
केस 01 : दुबहड़ थाना के एक गांव निवासी किशोरी को सोशल मीडिया पर सीतापुर के एक युवक ने दोस्ती करने के बाद प्यार के नाम पर झांसा देकर लेकर सीतापुर ले जाकर एक कमरे में रख कर यौन शोषण किया। पीड़िता किसी तरह घर भाग कर पहुंची। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान किया।
केस 02 : चितबड़ागांव थाना एक गांव निवासी युवती को एक युवक ने शादी का झांसा देकर महाराष्ट्र ले जाकर कई दिनों तक शारीरिक शोषण किया। पुलिस आरोपी को पकड़ कर उसके पास से युवती को मुक्त कराया।
लड़कियों की गुमशुदगी के मामले आने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। प्राथमिकी दर्ज करने के साथ उनकी बरामदगी के अलावा आरोपी को पकड़ा जाता है। लड़कियों को जागरूक करने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। - कृपाशंकर, एएसपी दक्षिणी।